Ganesh Jayanti 2026 Puja Samagri: सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व है. इसको लोग पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ मनाते हैं. गणेश जयंती ऐसे ही धार्मिक कार्यों में से एक है. इसको माघ विनायक चतुर्थी भी कहते हैं. धार्मिक कथाओं के अनुसार, इस दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था. इसके बाद इस दिन को गणेश जयंती के नाम से जानने लगे. इस बार गणेश जयंती 22 जनवरी दिन गुरुवार को है. गणेश जयंती के शुभ अवसर पर लोग व्रत रखकर गणपति बप्पा की पूजा करते हैं. इस दिन पूजा मुहूर्त, विधि और मंत्र जाप जरूर करना चाहिए. आपको इस साल गणेश जयंती पर गणेश जी की स्थापना करके पूजा करनी है तो आपको गणेश जयंती के पूजा सामग्री लिस्ट देखनी चाहिए. समय से पूर्व आप इन सामग्री का प्रबंध कर लेंगे, तो आपकी पूजा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकती है. अब सवाल है कि आखिर गणेश जयंती पर गणपति स्थापना कैसे करें? गणेश जयंती पर पूजा विधि क्या है? गणपति की पूजा के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए? किस मुहूर्त में करें पूजा और किस मंत्र का करें जाप? इस बारे में India News को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
गणेश जयंती पर पूजा मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, इस बार गणेश जयंती 22 जनवरी 2026 दिन गुरुवार को है. इस बार गणेश जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11:29 बजे से लेकर दोपहर 1:37 बजे तक है. इस समय में आपको गणेश जी की स्थापना करके पूजा करनी चाहिए.
गणेश जयंती पर पूजा विधि और मंत्र
ज्योतिष आचार्य बताते हैं कि, गणेश जयंती पर पूजन के लिए सबसे पहले स्नान करें. इसके बाद गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें. फिर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अक्षत, दूर्वा (21 गांठें), फूल (पीले), चंदन, सिंदूर और मोदक अर्पित करें, धूप-दीप दिखाएं, अंत में गणेश आरती करें और क्षमा याचना करें. बता दें कि, इस पूजा में ‘वक्रतुण्ड महाकाय…’ मंत्र का जाप लाभकारी है. इसके अलावा, ध्यान रखें कि चंद्र दर्शन से बचें.
गणेश जयंती पूजा सामग्री लिस्ट
- मिट्टी से बनी हुई गणेश जी की मूर्ति
- लकड़ी की एक चौकी, जिस पर मूर्ति की स्थापना की जाएगी
- लाल और पीले रंग के कपड़े, जिसे चौकी बिछाया जाएगा
- मंडप सजाने के लिए केले के पौधे, रंगीन कागज, पताका, फूल, माला आदि
- पूजा के लिए आसन, और व्रती के लिए नए वस्त्र
- गणेश जी के लिए नए वस्त्र और जनेऊ
- लाल और पीले रंग के फूल, उससे बनी मालाएं
- आशोक, आम और शमी के पत्ते, दूर्वा
- अक्षत्, चंदन, रोली, लाल रंग का सिंदूर, रक्षासूत्र या कलावा
- कलश, मिट्टी के बर्तन, दीपक, गंगाजल, तिल या सरसों का तेल
- पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, इलायची, मौसमी फलों में केला, अमरूद, अनार, सेव आदि
- गाय का घी, कपूर, धूप, दीप, बत्ती, नैवेद्य, नारियल
- गणेश जयंती व्रत कथा, गणेश चालीसा, गणेश आरती की एक पुस्तक
- आरती के लिए थाली, शंख, घंटी
- भोग लगाने के लिए मोदक, मोतीचूर के लड्डू, पंचमेवा
- पंचांमृत बनाने के लिए दही, घी, शहद, दूध और शक्कर
हवन सामग्री लिस्ट
- लोहे का एक हवन कुंड
- गाय का घी, अक्षत्, काले तिल, जौ
- सूखी लकड़ियां, जिसमें आम, आंवला, नीम, पीपल, चंदन, बेल, पलाश, मुलैठी, अश्वगंधा आदि शामिल हों.
- गोबर की उप्पलें, कपूर, गुग्गल, लोबान
- धूप, दीप, अगरबत्ती, रोली
- 5 प्रकार के मौसमी फल, पान के पत्ते, सुपारी,
- 2 पैकेट हवन सामग्री, हवन पुस्तिका