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Home > धर्म > गंगा सप्तमी पर स्नान से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना अधूरा रह जाएगा आपका पुण्य

गंगा सप्तमी पर स्नान से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना अधूरा रह जाएगा आपका पुण्य

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 8, 2026 20:08:43 IST

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Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है. इस साल यह पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा. सनातन परंपरा में गंगा को केवल नदी नहीं, बल्कि मोक्ष देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से गंगा स्नान करने पर व्यक्ति के जाने-अनजाने पाप धुल जाते हैं, लेकिन इसका पूरा फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है.

वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10:49 बजे से शुरू होकर 23 अप्रैल रात 8:49 बजे तक रहेगी. इसलिए गंगा सप्तमी 23 अप्रैल को मनाई जाएगी.इस दिन दोपहर का शुभ समय सुबह 11:01 बजे से लेकर 1:38 बजे तक रहेगा.

 गंगा स्नान करने का सही तरीका

स्नान से पहले गंगा मैया को प्रणाम करें और उनका स्मरण करें. सीधे नदी में उतरने से पहले थोड़ा गंगाजल हाथ में लेकर माथे पर लगाएं और अपने ऊपर छिड़कें. इसके बाद धीरे-धीरे जल में प्रवेश करें.स्नान के दौरान 3, 5 या 7 बार डुबकी लगाना शुभ माना जाता है और “हर-हर गंगे” का जप करना चाहिए.

इन बातों का रखें ध्यान

गंगा स्नान तभी फलदायी माना जाता है जब शुद्धता और मर्यादा का पालन किया जाए.

  •  स्नान के समय साबुन या शैम्पू का उपयोग न करें
  •  नदी को गंदा करने वाली चीजें जैसे प्लास्टिक या कचरा न डालें
  •  स्नान के बाद शरीर को तुरंत कपड़े से न पोंछें, पानी को खुद सूखने दें
  •  मन में क्रोध, अहंकार या नकारात्मक विचार न आने दें
  •  किसी जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें
  •  इस दिन मांस और शराब जैसी चीजों से दूर रहें

 अगर गंगा स्नान संभव न हो तो क्या करें

  • अगर आप गंगा नदी तक नहीं पहुंच सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. ऐसा करते समय मां गंगा का ध्यान करें.
  • इसके अलावा, इस दिन गंगा चालीसा या गंगा मंत्रों का पाठ करना भी शुभ माना जाता है.

स्नान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भी विशेष पुण्य मिलता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 8, 2026 20:08:43 IST

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Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है. इस साल यह पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा. सनातन परंपरा में गंगा को केवल नदी नहीं, बल्कि मोक्ष देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से गंगा स्नान करने पर व्यक्ति के जाने-अनजाने पाप धुल जाते हैं, लेकिन इसका पूरा फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है.

वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10:49 बजे से शुरू होकर 23 अप्रैल रात 8:49 बजे तक रहेगी. इसलिए गंगा सप्तमी 23 अप्रैल को मनाई जाएगी.इस दिन दोपहर का शुभ समय सुबह 11:01 बजे से लेकर 1:38 बजे तक रहेगा.

 गंगा स्नान करने का सही तरीका

स्नान से पहले गंगा मैया को प्रणाम करें और उनका स्मरण करें. सीधे नदी में उतरने से पहले थोड़ा गंगाजल हाथ में लेकर माथे पर लगाएं और अपने ऊपर छिड़कें. इसके बाद धीरे-धीरे जल में प्रवेश करें.स्नान के दौरान 3, 5 या 7 बार डुबकी लगाना शुभ माना जाता है और “हर-हर गंगे” का जप करना चाहिए.

इन बातों का रखें ध्यान

गंगा स्नान तभी फलदायी माना जाता है जब शुद्धता और मर्यादा का पालन किया जाए.

  •  स्नान के समय साबुन या शैम्पू का उपयोग न करें
  •  नदी को गंदा करने वाली चीजें जैसे प्लास्टिक या कचरा न डालें
  •  स्नान के बाद शरीर को तुरंत कपड़े से न पोंछें, पानी को खुद सूखने दें
  •  मन में क्रोध, अहंकार या नकारात्मक विचार न आने दें
  •  किसी जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें
  •  इस दिन मांस और शराब जैसी चीजों से दूर रहें

 अगर गंगा स्नान संभव न हो तो क्या करें

  • अगर आप गंगा नदी तक नहीं पहुंच सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. ऐसा करते समय मां गंगा का ध्यान करें.
  • इसके अलावा, इस दिन गंगा चालीसा या गंगा मंत्रों का पाठ करना भी शुभ माना जाता है.

स्नान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भी विशेष पुण्य मिलता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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