<
Categories: धर्म

Cremation after sunset: सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं होता दाह संस्कार? रात में शव को अकेला छोड़ने से भी मना करती हैं ये मान्य ताएं

Cremation after sunset: हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं प्रचलित हैं. इनमें सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार न करने और रात में शव को अकेला न छोड़ने की परंपरा भी शामिल है. मान्यता है कि रात में अंतिम संस्कार करने से मृतात्मा की यात्रा बाधित होती है, जबकि शव को अकेला छोड़ने पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव पड़ सकता है.

Cremation after sunset: हिंदू धार्मिक परंपराओं में सामान्यतः अंतिम संस्कार दिन के समय करने की मान्यता है. अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु सूर्यास्त के बाद होती है तो कई परंपराओं में अगले दिन सूर्योदय के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रात में अंतिम संस्कार करना उचित नहीं माना जाता और इसे मृतक की आत्मा की शांति से जोड़कर देखा जाता है. लोकप्रिय धार्मिक मान्यता में यह भी कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार होने पर स्वर्ग के द्वार बंद और नरक के द्वार खुल जाते हैं तथा आत्मा को कष्ट उठाना पड़ता है. हालांकि, इसे धार्मिक विश्वास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में.

रात में शव को अकेला छोड़ना क्यों माना जाता है गलत?

मृत्यु के बाद शव को रातभर अकेला न छोड़ने की परंपरा भी कई हिंदू परिवारों में देखने को मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, रात के समय नकारात्मक या दुष्ट शक्तियों का प्रभाव बढ़ सकता है और ऐसे में अकेले पड़े शव पर उनका असर होने की आशंका मानी जाती है. इसी विश्वास के चलते शव के पास परिवार का कोई न कोई सदस्य बैठा रहता है. कुछ परंपराओं में शव के पास दीपक जलाने और धूप-अगरबत्ती करने की भी बात कही जाती है.

तांत्रिक क्रियाओं से जोड़कर भी देखी जाती है ये मान्यता

कुछ धार्मिक मान्यताओं में रात के समय तांत्रिक क्रियाओं के प्रभाव को अधिक माना गया है. इसी वजह से यह विश्वास प्रचलित है कि मृत शरीर को रात में खुले या सुनसान स्थान पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि इससे मृतक की आत्मा को परेशानी हो सकती है और परिवार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. हालांकि ये बातें आस्था और परंपराओं से जुड़ी मान्यताएं हैं. शव की निगरानी के पीछे व्यावहारिक वजह भी शव को रात में किसी व्यक्ति की निगरानी में रखने का एक व्यावहारिक कारण भी बताया जाता है. अगर शव को खुले स्थान पर बिना निगरानी के छोड़ दिया जाए तो कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा मृत्यु के कुछ समय बाद शरीर में प्राकृतिक बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिससे दुर्गंध आने लगती है. ऐसे में शव के आसपास किसी व्यक्ति की मौजूदगी और धूप या अगरबत्ती का इस्तेमाल वातावरण को अपेक्षाकृत सहज बनाए रखने के पारंपरिक तरीकों में शामिल रहा है.

मृत्यु के बाद आत्मा के शरीर के पास रहने की मान्यता

गरुड़ पुराण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति को लेकर भी अलग-अलग वर्णन मिलते हैं. एक लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, मृत्यु के तुरंत बाद आत्मा कुछ समय तक अपने शरीर और परिवार के आसपास रहती है. वह अपने प्रियजनों को देखती है और पुराने शरीर से उसका मोह भी बना रह सकता है. इसी विश्वास के कारण भी शव को अकेला न छोड़ने की परंपरा को समझाया जाता है. माना जाता है कि अंतिम संस्कार होने तक परिवार के लोग मृतक के पास रहकर धार्मिक क्रियाएं करते हैं.

शरीर और आत्मा को लेकर क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं?

हिंदू दर्शन में शरीर को नश्वर और आत्मा को अलग स्वरूप माना गया है. मृत्यु के बाद शरीर निष्क्रिय हो जाता है और आत्मा की आगे की यात्रा को लेकर धार्मिक ग्रंथों में अलग-अलग मान्यताएं बताई गई हैं. इसी सोच से जुड़ी परंपराओं में अंतिम संस्कार को एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है. गरुड़ पुराण के उपलब्ध पाठ में अंतिम संस्कार, पिंडदान और मृत्यु के बाद किए जाने वाले कर्मों का विस्तृत वर्णन मिलता है.

इसलिए रातभर शव के पास रहता है कोई न कोई

इन धार्मिक और व्यावहारिक कारणों की वजह से कई हिंदू परिवारों में मृत्यु के बाद रातभर शव को अकेला न छोड़ने की परंपरा चली आ रही है. कोई परिजन पास बैठा रहता है, दीपक जलाया जाता है और सुबह होने पर अंतिम संस्कार की तैयारियां की जाती हैं. हालांकि, भारत में अंतिम संस्कार की परंपराएं समुदाय, क्षेत्र और परिवार की मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार और शव को रात में अकेला न छोड़ने की बात को व्यापक धार्मिक परंपरा और मान्यता के रूप में समझना अधिक उचित है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

Delhi Dengue Cases: दिल्ली में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, अक्टूबर के पहले हफ्ते में 98 नए मरीज मिले, कितना पहुंचा आंकड़ा

Delhi Dengue Cases: दिल्ली में लगातार डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अक्तूबर के…

Last Updated: October 6, 2026 18:11:27 IST

Delhi Vidya Vahini Yojana: दिल्ली की बेटियों को सरकार का तोहफा, 581 छात्राओं को मिली साइकिल, जानें क्या है विद्या वाहिनी योजना

Delhi Vidya Vahini Yojana: दिल्ली सरकार की तरफ से 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत 581…

Last Updated: October 6, 2026 18:07:50 IST

Shardiya Navratri 2026 Kab Se Shuru Hogi: 11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि, जानें घटस्थापना शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दशहरा की डेट

Shardiya Navratri 2026 Kalash Sthapana: शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और 19…

Last Updated: October 6, 2026 18:00:39 IST

देवघर में चोरों का आतंक, गाड़ी लाए, रस्सी से बांधा ATM; ऐसे उड़ा ले गए मशीन, देखें वीडियो

Deoghar Viral Video: झारखंड के देवघर में चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया…

Last Updated: October 6, 2026 17:15:40 IST

Priya Saroj saree look: UNGA के मंच पर साड़ी में पहुंचीं प्रिया सरोज, रिंकू सिंह की मंगेतर ने बैंगनी साड़ी लुक ने खींचा ध्यान

Priya Saroj saree look: रिंकू सिंह की मंगेतर और सपा सांसद प्रिया सरोज इन दिनों…

Last Updated: October 6, 2026 17:15:21 IST

मेरठ की कातिल पत्नी; बीवी ने पकड़े पैर और आशिक ने घोंटा गला; दुपट्टे से की शौहर की हत्या, ऐसे खुला राज

Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पत्नी ने अपने आशिक के साथ…

Last Updated: October 6, 2026 17:10:29 IST