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Home > धर्म > घर छोटा है, पूजा के लिए बैठने की जगह नहीं? क्या खड़े होकर पूजा करने से भी मिलता है पूरा फल, जानिए शास्त्रों की सच्चाई

घर छोटा है, पूजा के लिए बैठने की जगह नहीं? क्या खड़े होकर पूजा करने से भी मिलता है पूरा फल, जानिए शास्त्रों की सच्चाई

Pooja Guidelines: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ को बहुत महत्व दिया जाता है. बहुत सारे लोगो के घर में जगह की कमी होती है और उनके मन में सवाल होता है की  खड़े होकर पूजा करना सही है या नहीं, इस बारे में लोगों में कई गलतफहमियां हैं. आइए जानते हैं इसपर शास्त्र क्या कहते हैं ?

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 5, 2026 17:59:45 IST

Pooja Guidelines: हिंदू धर्म में पूजा और रीति-रिवाजों पर बहुत ज़ोर दिया जाता है. यह भी माना जाता है कि पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए. आजकल घरों में जगह की कमी आम बात है, और कभी-कभी पूजा के लिए बैठना संभव नहीं होता. ऐसा माना जाता है कि भगवान की भक्ति में सबसे जरूरी चीज भावना और श्रद्धा है, न कि शरीर की मुद्रा.

पूजा को लेकर लोगों के मन में कई गलतफहमियां भी हैं. उदाहरण के लिए, यह मानना ​​कि पूजा का पूरा फल केवल बैठकर ही मिलता है, या पूजा के दौरान सिर ढकना ज़रूरी है.

पूजा करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, खड़े होकर पूजा करना उचित नहीं माना जाता क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऐसी पूजा का पूरा फल नहीं मिलता. घर पर पूजा करते समय, सबसे पहले एक चटाई बिछाकर उस पर बैठना चाहिए. पूजा करते समय सिर ढकना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि जिस जगह पूजा की जाती है, उस जगह का फर्श मंदिर के फर्श से ऊंचा नहीं होना चाहिए. पूजा मन में शांति, सद्भाव और पवित्रता लाती है, इसलिए स्वच्छता और उचित प्रक्रियाओं पर ध्यान देते हुए पूजा के सभी नियमों का पालन करना चाहिए.

अगर आप खड़े होकर पूजा करते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें

  • खड़े होकर पूजा करते समय भी, हमेशा अपने पैरों के नीचे चटाई, कालीन या लकड़ी का तख्ता रखें. सीधे ज़मीन पर खड़े होकर पूजा करने से ऊर्जा पृथ्वी में समा जाती है.
  • पूजा के दौरान ज्यादा हिलें-डुलें नहीं. सीधे और स्थिर खड़े रहें, और अपना ध्यान केंद्रित करें.
  • दरअसल, हमारे शास्त्र आरती और परिक्रमा खड़े होकर करने का विधान बताते हैं. खड़े होना पूरी तरह से मना नहीं है. बस नियमों का पालन करें.

छोटी जगहों में इन नियमों का पालन करें

  • आप दीवार पर लगने वाला मंदिर लगवा सकते हैं, जिससे फर्श की जगह बचती है, और आप अपनी सुविधा के अनुसार ऊंचाई एडजस्ट कर सकते हैं.
  • पूजा के दौरान एक छोटी फोल्डिंग स्टूल या नीची चौकी का इस्तेमाल करें, जिसे बाद में आसानी से हटाया और रखा जा सके.
  • अगर किसी दिन बैठना संभव न हो, तो आप कहीं भी खड़े होकर ‘मानसिक पूजा’ के ज़रिए अपने इष्ट देवता का ध्यान कर सकते हैं.
  • अगर किसी को कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है (जैसे पैरों या पीठ में दर्द), तो खड़े होकर पूजा करने में कोई बुराई नहीं है. बस अपने मन को शांत और केंद्रित रखें.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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घर छोटा है, पूजा के लिए बैठने की जगह नहीं? क्या खड़े होकर पूजा करने से भी मिलता है पूरा फल, जानिए शास्त्रों की सच्चाई

Pooja Guidelines: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ को बहुत महत्व दिया जाता है. बहुत सारे लोगो के घर में जगह की कमी होती है और उनके मन में सवाल होता है की  खड़े होकर पूजा करना सही है या नहीं, इस बारे में लोगों में कई गलतफहमियां हैं. आइए जानते हैं इसपर शास्त्र क्या कहते हैं ?

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 5, 2026 17:59:45 IST

Pooja Guidelines: हिंदू धर्म में पूजा और रीति-रिवाजों पर बहुत ज़ोर दिया जाता है. यह भी माना जाता है कि पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए. आजकल घरों में जगह की कमी आम बात है, और कभी-कभी पूजा के लिए बैठना संभव नहीं होता. ऐसा माना जाता है कि भगवान की भक्ति में सबसे जरूरी चीज भावना और श्रद्धा है, न कि शरीर की मुद्रा.

पूजा को लेकर लोगों के मन में कई गलतफहमियां भी हैं. उदाहरण के लिए, यह मानना ​​कि पूजा का पूरा फल केवल बैठकर ही मिलता है, या पूजा के दौरान सिर ढकना ज़रूरी है.

पूजा करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, खड़े होकर पूजा करना उचित नहीं माना जाता क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऐसी पूजा का पूरा फल नहीं मिलता. घर पर पूजा करते समय, सबसे पहले एक चटाई बिछाकर उस पर बैठना चाहिए. पूजा करते समय सिर ढकना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि जिस जगह पूजा की जाती है, उस जगह का फर्श मंदिर के फर्श से ऊंचा नहीं होना चाहिए. पूजा मन में शांति, सद्भाव और पवित्रता लाती है, इसलिए स्वच्छता और उचित प्रक्रियाओं पर ध्यान देते हुए पूजा के सभी नियमों का पालन करना चाहिए.

अगर आप खड़े होकर पूजा करते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें

  • खड़े होकर पूजा करते समय भी, हमेशा अपने पैरों के नीचे चटाई, कालीन या लकड़ी का तख्ता रखें. सीधे ज़मीन पर खड़े होकर पूजा करने से ऊर्जा पृथ्वी में समा जाती है.
  • पूजा के दौरान ज्यादा हिलें-डुलें नहीं. सीधे और स्थिर खड़े रहें, और अपना ध्यान केंद्रित करें.
  • दरअसल, हमारे शास्त्र आरती और परिक्रमा खड़े होकर करने का विधान बताते हैं. खड़े होना पूरी तरह से मना नहीं है. बस नियमों का पालन करें.

छोटी जगहों में इन नियमों का पालन करें

  • आप दीवार पर लगने वाला मंदिर लगवा सकते हैं, जिससे फर्श की जगह बचती है, और आप अपनी सुविधा के अनुसार ऊंचाई एडजस्ट कर सकते हैं.
  • पूजा के दौरान एक छोटी फोल्डिंग स्टूल या नीची चौकी का इस्तेमाल करें, जिसे बाद में आसानी से हटाया और रखा जा सके.
  • अगर किसी दिन बैठना संभव न हो, तो आप कहीं भी खड़े होकर ‘मानसिक पूजा’ के ज़रिए अपने इष्ट देवता का ध्यान कर सकते हैं.
  • अगर किसी को कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है (जैसे पैरों या पीठ में दर्द), तो खड़े होकर पूजा करने में कोई बुराई नहीं है. बस अपने मन को शांत और केंद्रित रखें.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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