Janaki Jayanti 2026 Vrat Katha: हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जानकी जयंती का पर्व मनाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन ही राजा जनक को भूमि हल जोतते समय माता सीता प्राप्त हुई थीं. इसलिए यह दिन माता सीता का जन्मोत्सव होता है. जानकी जयंती के दिन सुहागिन महिलाओं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत और माता सीता के साथ भगवान राम की पूजा करती हैं. लेकिन आज की पूजा तभी सफल मानी जाती है, जब शाम की पूजा में जानकी जयंती व्रत कथा पढ़ी या सुनी जाए. इसके अलावा जीवन में सुख-समृद्धि पाने के लिए आज के दिन कुछ खास उपाय भी किए जाते हैं. आइये जानते हैं यहां जानकी जयंती व्रत और उपाय जानकी जयंती व्रत कथा (Janaki Jayanti Vrat Katha) हिंदू धर्म की पौराणिक कथा के अनुसार, मिथिला की धरती पर कई सालों तक वर्षा नहीं हुई थी और राजा जनक का पूरा राज्य पानी की एक बूंद के लिए तरस गया था, उनका राज्य रेगिस्तान बनता जा रहा था. भयंकर अकाल और सूखे की वजह से मिथिला के लोग परेशान हो गए थे. भूखी और प्यासी प्रजा को देख राजा जनकर भी विचलित हो रहे थे और इसका उपाय पाने के लिए वो ऋषियों के पास गए, वहीं कुछ ऋषियों ने राजा जनक को सुझाव दिया कि वो सोने का हल खुद खेत में चलाएं, जिससे इंद्रदेव की कृपा उनके राज्य पर हो, राजा जनक ने भी सभी ऋषियों की बात मानी और उन्होंने सोने के हल से खूद खेत जोतना शुरू किया, तभी राजा का हल किसी बक्से से टकराया, जिसके बाद उन्होंने उत्सुकता से उस बक्से को बाहर निकाल, राजा जनक ने देखा कि उस बक्से में एक छोटी सी बच्ची थी, उस समय राजा जनक की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने उस बच्ची को गोद लिआ और उसका नाम सीता रखा, राजा जनक की बेटी होने की वजह से उन्हें जानकी जी भी कहा जाता है. इसके अलावा माता सीता को मैथिली और भूमिजा के नाम से भी पुकारा जाता था. कहा जाता है कि सीता जी के प्रकट होने के बाद मिथिला राज्य में इंद्रदेव की कृपा बरसी और जमकर बारिश हुई और वहां का सूखा दूर हो गया और राज्य के लोग खुश हो गए और प्रजा की परेशानी दूर हो गई. सुखी वैवाहिक जीवन के लिए जानकी जयंती के दिन करें ये उपाय सुखी वैवाहिक जीवन के लिए- जिन पति-पत्नी के बीच तनाव की स्थिति रहती है या फिर आपको लग रहा है कि प्रेम कम हो रहा है, तो आप जानकी जयंती के दिन माता सीता के और भगवान राम की एक साथ पूजा करें. पूजा में माता सीता को लाल रंग की चुनरी और सुहाग का सामान अर्पित करें. इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन परेशानियाँ कम होंगी और प्रेम बना रहेगा. आर्थिक समस्या के लिए - अगर आपके घर में आर्थिक परेशानियां चल रही हैं, तो आप आज देवी सीता को मां लक्ष्मी का स्वरूप महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें. इसके अलावा पूजा में देवी को पीले रंग का फूल अर्पित करें और उन्हें मिठे का भोग लगाएँ. इस उपाय करने से घर की दरिद्रता दूर होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी और धन लाभ के रस्ते आपके लिए खुलेंगे शीघ्र विवाह के उपाय- अगर आपकी शादी नहीं हो रही है या फिर बार-बूार अरचड आ रही हैं, तो आर आज जानकी जयंती के दिन “ॐ जानकीवल्लभाय स्वाहा” मंत्र का जाप करें और देवी सीता को सुहाग का सामान अर्पित करें. यह उपाय करने से शीघ्र विवाह के योग बनने लगते और लव लाइफ भी बेहतर बनी रहेगी पारिवारिक सुख के लिए- परिवार के लोगों के बीच आपस में मन-मुटाव या क्लेश रहता हैं, तो आप आज जानकी जयंती के दिन घर पर सुंदरकांड या रामायण का पाठ करें. इसके अलावा आज आप राम-सीता विवाह प्रसंग का पाठ भी कर सकते है. ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.