किसने की परंपरा की शुुरुआत?
पूजा के दिनों में शीतलपुर का वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग जाता है। महिलाएं मंगलगीत गाती हैं, पुरुष मां के दरबार में भक्ति-भाव से झूमते और गाते हैं। हर घर से लोग मिलकर अनुष्ठान में भाग लेते हैं और सामूहिक रूप से मां की आराधना करते हैं। ग्रामीणों का विश्वास है कि मां मनसा की कृपा से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।