Kalpvas 2026: माघ महीने के दौरान हर साल प्रयागराज में संगम तट पर 'कल्पवास' कियी जाता है, लोग इसे आत्मा को शुद्ध करने और जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाने का एक साधन मानतें है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कल्पवास के बारे में.
Kalpvas 2026
Kalpvas 2026: प्रयागराज में हर साल माघ महीने में एक अलौकिक आध्यात्मिक शहर में बदल जाता है. गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम के पवित्र तट पर बिताए गए महीने को ‘कल्पवास’ कहा जाता है. यह महीना सिर्फ़ एक परंपरा नहीं है, बल्कि आत्मा की शुद्धि के लिए एक कठोर तपस्या है. 2026 में माघ मेला और कल्पवास का विशेष महत्व है.
मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति माघ महीने में संगम के किनारे रहता है और बताए गए नियमों का पालन करता है, उसे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है. कल्पवास का शाब्दिक अर्थ है एक निश्चित अवधि (कल्प) के लिए पवित्र स्थान पर रहना. यह समय ईश्वर के करीब महसूस करने के लिए होता है.परंपरागत रूप से, कल्पवास पौष महीने की पूर्णिमा के दिन संकल्प लेने के साथ शुरू होता है. हालांकि, भक्त अपनी क्षमता के अनुसार कल्पवास करते हैं. कोई 5, 11 या 21 दिनों के लिए भी संकल्प ले सकता है.
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