Kharmas 2026 Surya Mantra: सनातन परंपरा में समय और ग्रहों की स्थिति का खास महत्व माना जाता है. खरमास भी एक ऐसा ही विशेष काल है, जिसे आम तौर पर शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, लेकिन पूजा-पाठ और साधना के लिए यह समय बेहद प्रभावशाली होता है. मान्यता है कि इस दौरान सूर्य देव की उपासना करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं.
ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु,धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास शुरू होता है. वर्ष 2026 में 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ यह अवधि शुरू हो चुकी है, जो अप्रैल के मध्य तक रहेगी. इस दौरान नियमित रूप से सूर्य मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है.
खरमास में क्यों टाले जाते हैं शुभ कार्य
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस समय सूर्य का प्रभाव थोड़ा कमजोर माना जाता है, क्योंकि वे अपने गुरु की सेवा में रहते हैं. इसी कारण विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण और जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य इस अवधि में नहीं किए जाते. ऐसा माना जाता है कि इन कार्यों के लिए जरूरी सकारात्मक ऊर्जा इस समय कम होती है.
साधना और भक्ति के लिए उत्तम समय
हालांकि भौतिक कार्यों में विराम रहता है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय बेहद लाभकारी होता है. जप, तप और दान करने से विशेष पुण्य मिलता है. जिन लोगों की कुंडली में ग्रह दोष होते हैं, उनके लिए यह अवधि विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है. सूर्य देव की आराधना से स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है.
खरमास में क्या करना शुभ माना जाता है
इस दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना गया है. तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल चंदन, कुमकुम और फूल मिलाकर अर्पित करें. इसके बाद सूर्य से जुड़े स्तोत्रों का पाठ करना लाभकारी होता है. साथ ही गुड़, गेहूं, तांबा और लाल वस्त्रों का दान करने से भी शुभ फल मिलते हैं.
खरमास के 5 शक्तिशाली सूर्य मंत्र
- सूर्य बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः - सूर्य गायत्री मंत्र
ॐ भास्कराय विद्महे
महातेजाय धीमहि
तन्नो सूर्यः प्रचोदयात् - स्वास्थ्य और आत्मबल के लिए मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः - सकारात्मक ऊर्जा के लिए मंत्र
ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य: - मनोकामना पूर्ति के लिए मंत्र
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा