Vastu Tips for Kitchen: अधिकांश घरों में रसोई का काम एक तय तरीके से होता है. जितने लोग खाने वाले हों, उतनी ही रोटियां बना ली जाती हैं. जिससे न खाना बचे और न किसी को कम पड़े. देखने में यह आदत व्यावहारिक और समझदारी भरी लगती है.लेकिन वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, अन्न से जुड़ी हमारी सोच और व्यवहार घर की ऊर्जा और समृद्धि से गहराई से जुड़े माने जाते हैं.
वास्तु मान्यता कहती है कि जब भोजन को बिल्कुल माप-तौल कर तैयार किया जाता है, तो यह ‘कमी की मानसिकता’ को दर्शाता है. अन्न को हमेशा समृद्धि का प्रतीक माना गया है. ऐसी धारणा है कि अन्न के साथ सीमित सोच रखना देवी अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी के प्रति श्रद्धा की कमी जैसा माना जाता है.मान्यता यह भी है कि अगर घर में बार-बार अभाव की सोच दोहराई जाए तो धीरे-धीरे उसका असर आर्थिक स्थिति पर दिखने लगता है. आमदनी होने के बावजूद संतोष नहीं रहता, खर्च बढ़े हुए महसूस होते हैं और बचत टिक नहीं पाती.
घर के वातावरण पर संभावित प्रभाव
कुछ पारंपरिक विचारों के अनुसार, जब भोजन को गिनती में बनाया या परोसा जाता है, तो घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर हो सकती है. परिवार में बिना कारण तनाव बढ़ सकता है. छोटी बातों पर तकरार या असहमति ज्यादा होने लगती है.इसके अलावा, अन्न का सम्मान कम होने से भोजन की कद्र भी घट सकती है, जो शुभ संकेत नहीं माना जाता.
क्या अपनाएं बेहतर तरीका?
- कई परंपराओं में सलाह दी जाती है कि रोटियां एक-दो अतिरिक्त बना ली जाएं. इसे घर की बरकत और खुले दिल की निशानी माना जाता है.
- अगर भोजन बच जाए, तो उसे फेंकने के बजाय किसी जरूरतमंद व्यक्ति या पशु को दे देना श्रेष्ठ समझा जाता है. कई घरों में पहली रोटी गाय के लिए अलग रखने की परंपरा आज भी निभाई जाती है, जिसे सुख-शांति और समृद्धि से जोड़ा जाता है.
- साथ ही, खाना बनाते समय मन की स्थिति भी महत्वपूर्ण मानी गई है. शांत और प्रसन्न मन से बनाया गया भोजन पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है .
रसोई से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु सुझाव
बचे हुए आटे का उपयोग
गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता. ताजा आटा ऊर्जा और शुद्धता का प्रतीक माना गया है, जबकि बासी आटा सुस्ती और नकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है.
चकला-बेलन से जुड़ी सावधानी
रोटी बेलते समय अगर तेज आवाज आती है, तो कुछ मान्यताओं में इसे शुभ संकेत नहीं माना गया है. इसे घर में मतभेद या आर्थिक अस्थिरता से जोड़ा जाता है.