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Home > धर्म > क्या आप भी किचन में जूते-चप्पल पहनते हैं? ये छोटी सी गलती बन सकती है गरीबी और परेशानी की वजह

क्या आप भी किचन में जूते-चप्पल पहनते हैं? ये छोटी सी गलती बन सकती है गरीबी और परेशानी की वजह

Kitchen Vastu Tips: रसोईघर को स्वच्छ और पवित्र रखना सिर्फ धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा भी है. लेकिन अक्सर लोग किचन में जूते-चप्पल पहनकर खाना बनाते हैं,अगर आप भी ऐसा करते हैं तो ये छोटी सी गलती आर्थिक तंगी की वजह बन सकती है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 19, 2026 14:49:42 IST

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Kitchen Vastu Tips: भारतीय परंपरा में रसोईघर को सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर की पवित्र ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. यही कारण है कि पुराने समय से ही बुजुर्ग किचन में जूते-चप्पल पहनकर जाने से मना करते आए हैं. माना जाता है कि इस छोटी सी लापरवाही का असर सीधे घर की सुख-समृद्धि और सेहत पर पड़ सकता है.

रसोई को देवी अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है, जहां से पूरे परिवार का पोषण होता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बाहर की गंदगी लेकर जूते-चप्पल सहित किचन में प्रवेश करता है, तो यह न सिर्फ अस्वच्छता फैलाता है, बल्कि इसे धार्मिक दृष्टि से भी अशुभ माना जाता है.

 वास्तु शास्त्र क्या कहता है?

वास्तु शास्त्र में घर के कुछ स्थानों को अत्यंत शुद्ध रखने की सलाह दी गई है, जिनमें पूजा स्थान और रसोई सबसे प्रमुख हैं. मान्यता है कि जूते-चप्पलों के साथ नकारात्मक ऊर्जा भी जुड़ी होती है. जब यह ऊर्जा किचन तक पहुंचती है, तो इसका प्रभाव भोजन पर पड़ता है और वही भोजन पूरे परिवार के जीवन पर असर डालता है. इससे घर में तनाव, विवाद और आर्थिक रुकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

 वैज्ञानिक कारण भी हैं महत्वपूर्ण

अगर इसे वैज्ञानिक नजरिए से देखें, तो यह आदत स्वास्थ्य के लिए भी सही नहीं है. जूते-चप्पलों के जरिए बाहर की धूल, कीटाणु और बैक्टीरिया घर के अंदर आते हैं. जब यही गंदगी किचन तक पहुंचती है, तो भोजन दूषित हो सकता है और इससे परिवार के लोगों की सेहत प्रभावित हो सकती है.

 अगर चप्पल पहनना जरूरी हो तो क्या करें?

कुछ स्थितियों में, जैसे सर्दियों में ठंडी फर्श या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण, चप्पल पहनना जरूरी हो सकता है. ऐसे में एक आसान उपाय अपनाया जा सकता है-किचन के लिए अलग और साफ चप्पल रखें, जिन्हें केवल रसोई में ही इस्तेमाल करें. ध्यान रखें कि इन्हें बाहर कहीं भी न पहनें, ताकि स्वच्छता बनी रहे.

 क्या है इसका असर?

मान्यता है कि किचन में साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. वहीं, गंदगी और नकारात्मकता से धन की कमी, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 19, 2026 14:49:42 IST

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Kitchen Vastu Tips: भारतीय परंपरा में रसोईघर को सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर की पवित्र ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. यही कारण है कि पुराने समय से ही बुजुर्ग किचन में जूते-चप्पल पहनकर जाने से मना करते आए हैं. माना जाता है कि इस छोटी सी लापरवाही का असर सीधे घर की सुख-समृद्धि और सेहत पर पड़ सकता है.

रसोई को देवी अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है, जहां से पूरे परिवार का पोषण होता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बाहर की गंदगी लेकर जूते-चप्पल सहित किचन में प्रवेश करता है, तो यह न सिर्फ अस्वच्छता फैलाता है, बल्कि इसे धार्मिक दृष्टि से भी अशुभ माना जाता है.

 वास्तु शास्त्र क्या कहता है?

वास्तु शास्त्र में घर के कुछ स्थानों को अत्यंत शुद्ध रखने की सलाह दी गई है, जिनमें पूजा स्थान और रसोई सबसे प्रमुख हैं. मान्यता है कि जूते-चप्पलों के साथ नकारात्मक ऊर्जा भी जुड़ी होती है. जब यह ऊर्जा किचन तक पहुंचती है, तो इसका प्रभाव भोजन पर पड़ता है और वही भोजन पूरे परिवार के जीवन पर असर डालता है. इससे घर में तनाव, विवाद और आर्थिक रुकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

 वैज्ञानिक कारण भी हैं महत्वपूर्ण

अगर इसे वैज्ञानिक नजरिए से देखें, तो यह आदत स्वास्थ्य के लिए भी सही नहीं है. जूते-चप्पलों के जरिए बाहर की धूल, कीटाणु और बैक्टीरिया घर के अंदर आते हैं. जब यही गंदगी किचन तक पहुंचती है, तो भोजन दूषित हो सकता है और इससे परिवार के लोगों की सेहत प्रभावित हो सकती है.

 अगर चप्पल पहनना जरूरी हो तो क्या करें?

कुछ स्थितियों में, जैसे सर्दियों में ठंडी फर्श या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण, चप्पल पहनना जरूरी हो सकता है. ऐसे में एक आसान उपाय अपनाया जा सकता है-किचन के लिए अलग और साफ चप्पल रखें, जिन्हें केवल रसोई में ही इस्तेमाल करें. ध्यान रखें कि इन्हें बाहर कहीं भी न पहनें, ताकि स्वच्छता बनी रहे.

 क्या है इसका असर?

मान्यता है कि किचन में साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. वहीं, गंदगी और नकारात्मकता से धन की कमी, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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