Last Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत को सबसे प्रभावी व्रत माना जाता है. पौष महीने का आखिरी प्रदोष व्रत विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन सच्चे दिल से और सही रीति-रिवाजों से पूजा की जाए, तो जीवन से दुख, गरीबी और आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं.
पौष महीना साल का आखिरी महीना होता है, और इस दौरान पड़ने वाला आखिरी प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए बहुत खास होता है. इस दिन शिवलिंग पर कुछ खास चीजें चढ़ाने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और वे अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं.
प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व (Pradosh Vrat Importance)
प्रदोष व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है. ऐसा माना जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर आनंद तांडव करते हैं, और जो भक्त इस समय उनकी पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यह व्रत न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार भी खोलता है.
प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त
शाम 6:04 बजे से रात 8:41 बजे तक
पौष प्रदोष व्रत कब मनाया जाएगा? (Pradosh Vrat Date)
- वैदिक कैलेंडर के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत: 16 दिसंबर, 2025, रात 11:57 बजे
- त्रयोदशी तिथि का अंत: 18 दिसंबर, 2025, सुबह 2:32 बजे
- इसके आधार पर, प्रदोष व्रत 17 दिसंबर, 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगा.
साल के आखिरी प्रदोष पर ये 3 खास उपाय जरूर करें (Pradosh Vrat Upay)
- पौष महीने के आखिरी प्रदोष व्रत पर, शिवलिंग पर तिल चढ़ाएं या तिल मिले पानी से अभिषेक करें. ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है. गेहूं और धतूरे से पाएं माता-पिता बनने का सुख
- दिसंबर के आखिरी प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर गेहूं और धतूरा चढ़ाएं. इस दौरान भगवान शिव से शांति, खुशी और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगें. माना जाता है कि यह उपाय बहुत फलदायी है और भगवान शिव का आशीर्वाद दिलाता है.
- अगर आप लंबे समय से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो पौष प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल चढ़ाएं. माना जाता है कि इससे धन लाभ के अवसर बनते हैं और घर में कभी पैसे की कमी नहीं होती.
पौष प्रदोष व्रत खास क्यों है?
यह दिन भगवान शिव की कृपा का अद्भुत संगम है. जो भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और शिव पूजा करते हैं, उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होते हैं.