Magh Mela 2026: माघ मेले का दूसरा स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन होगा. साल की सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है. मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण (उत्तरी गोलार्ध) में प्रवेश करता है. इसे देवताओं का समय, एक शुभ काल माना जाता है.
मकर संक्रांति के दौरान प्रयागराज में माघ मेले में गंगा स्नान करने से हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है. मकर संक्रांति के शुभ और अत्यंत शुभ काल में विशेष रूप से दान करना चाहिए.
माघ मेले का दूसरा स्नान कब है?
माघ मेला 45 दिनों तक चलेगा. इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को है. इसी दिन षटतिला एकादशी भी है. इसलिए, मकर संक्रांति पर माघ मेले में स्नान का महत्व दोगुना हो गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, माघ मेले के पहले ही दिन, पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया. अब, अनुमान है कि मकर संक्रांति पर माघ मेले में 1 करोड़ लोग स्नान करेंगे.
मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त स्नान
शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. इस साल, मकर संक्रांति पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा
मकर संक्रांति स्नान का शुभ मुहूर्त
मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:20 बजे तक है. मकर संक्रांति का अत्यंत शुभ काल भी इसी समय है.
.माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान का महत्व
जब मकर संक्रांति का त्योहार माघ मेले के साथ आता है, तो यह सिर्फ़ एक त्योहार नहीं रह जाता, बल्कि आत्मा, आध्यात्मिकता और आस्था का एक महान संगम बन जाता है. जैसे सूरज अंधेरे को चीरकर एक नई दिशा की ओर बढ़ता है, वैसे ही भक्त माघ मेले के दौरान पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने जीवन से अंधेरा दूर करने की उम्मीद करते हैं.