Live
Search
Home > धर्म > Magh Month 2026: क्यों कहा जाता है माघ को सबसे पवित्र महीना? इन बातों का रखें खास ध्यान

Magh Month 2026: क्यों कहा जाता है माघ को सबसे पवित्र महीना? इन बातों का रखें खास ध्यान

Magh Month 2026: हिंदू कैलेंडर के 11वें महीने  यानि माघ महीने की शुरुआत  4 जनवरी, 2026  से चुकी है,इस  महीने को पुण्य का महीना भी कहा जाता है. माघ महीना भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है. इस दौरान स्नान, दान और तपस्या का विशेष महत्व है. आइए जानते हैं विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: 2026-01-04 16:48:53

Magh Month 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पवित्र माघ महीना आज, 4 जनवरी, 2026 से शुरू हो गया है. धार्मिक रूप से, माघ महीने को “पुण्य का महीना”  कहा जाता है. पद्म पुराण के अनुसार, इस महीने में किए गए स्नान, दान और तपस्या से ऐसे पुण्य फल मिलते हैं जो कठोर तपस्या से भी मिलना मुश्किल है.  मुख्य रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव को माघ का महीना समर्पित है.

प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला और कल्पवास इस महीने की महिमा का उदाहरण हैं. अगर आप भी इस पवित्र महीने का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए इसके कुछ नियमों का पालन जरूर करें.

माघ महीना 2026 क्या करें और क्या न करें

  •  माघ महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करने का विशेष महत्व है. अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिला लें.
  •  इस पूरे महीने में तिल का सेवन और दान बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि तिल के प्रयोग से शनि और सूर्य के बुरे प्रभाव दूर होते हैं.
  •  माघ महीने में तामसिक भोजन से बचें. इसके बजाय सात्विक भोजन करें. 
  • भगवान विष्णु के मंत्र ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ का लगातार जाप करें. साथ ही, रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं. 
  •  इस महीने में, गरीबों को गर्म कपड़े, कंबल, गुड़, तिल और अनाज ज़रूर दान करें. ऐसा माना जाता है कि माघ महीने में किया गया दान अक्षय फल देता है.

ये काम न करें

  • माघ महीने में सुबह देर तक सोना सौभाग्य और स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
  •  इस महीने में किसी का अपमान न करें या झूठ न बोलें. यह महीना आत्म-शुद्धि के लिए है, इसलिए अपने गुस्से पर काबू रखें.
  •  जो लोग कल्पवास कर रहे हैं या विशेष आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं, उन्हें इस महीने में ज़मीन पर सोना चाहिए और सख्त ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

माघ महीने का महत्व (माघ महीना 2026 का महत्व)

शास्त्रों में कहा गया है कि माघ महीने में सभी पवित्र नदियों का पानी अमृत के समान हो जाता है. मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख त्योहार इसी महीने में पड़ते हैं. माना जाता है कि माघ में स्नान करने से पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

MORE NEWS

Home > धर्म > Magh Month 2026: क्यों कहा जाता है माघ को सबसे पवित्र महीना? इन बातों का रखें खास ध्यान

Magh Month 2026: क्यों कहा जाता है माघ को सबसे पवित्र महीना? इन बातों का रखें खास ध्यान

Magh Month 2026: हिंदू कैलेंडर के 11वें महीने  यानि माघ महीने की शुरुआत  4 जनवरी, 2026  से चुकी है,इस  महीने को पुण्य का महीना भी कहा जाता है. माघ महीना भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है. इस दौरान स्नान, दान और तपस्या का विशेष महत्व है. आइए जानते हैं विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: 2026-01-04 16:48:53

Magh Month 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पवित्र माघ महीना आज, 4 जनवरी, 2026 से शुरू हो गया है. धार्मिक रूप से, माघ महीने को “पुण्य का महीना”  कहा जाता है. पद्म पुराण के अनुसार, इस महीने में किए गए स्नान, दान और तपस्या से ऐसे पुण्य फल मिलते हैं जो कठोर तपस्या से भी मिलना मुश्किल है.  मुख्य रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव को माघ का महीना समर्पित है.

प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला और कल्पवास इस महीने की महिमा का उदाहरण हैं. अगर आप भी इस पवित्र महीने का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए इसके कुछ नियमों का पालन जरूर करें.

माघ महीना 2026 क्या करें और क्या न करें

  •  माघ महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करने का विशेष महत्व है. अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिला लें.
  •  इस पूरे महीने में तिल का सेवन और दान बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि तिल के प्रयोग से शनि और सूर्य के बुरे प्रभाव दूर होते हैं.
  •  माघ महीने में तामसिक भोजन से बचें. इसके बजाय सात्विक भोजन करें. 
  • भगवान विष्णु के मंत्र ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ का लगातार जाप करें. साथ ही, रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं. 
  •  इस महीने में, गरीबों को गर्म कपड़े, कंबल, गुड़, तिल और अनाज ज़रूर दान करें. ऐसा माना जाता है कि माघ महीने में किया गया दान अक्षय फल देता है.

ये काम न करें

  • माघ महीने में सुबह देर तक सोना सौभाग्य और स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
  •  इस महीने में किसी का अपमान न करें या झूठ न बोलें. यह महीना आत्म-शुद्धि के लिए है, इसलिए अपने गुस्से पर काबू रखें.
  •  जो लोग कल्पवास कर रहे हैं या विशेष आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं, उन्हें इस महीने में ज़मीन पर सोना चाहिए और सख्त ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

माघ महीने का महत्व (माघ महीना 2026 का महत्व)

शास्त्रों में कहा गया है कि माघ महीने में सभी पवित्र नदियों का पानी अमृत के समान हो जाता है. मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख त्योहार इसी महीने में पड़ते हैं. माना जाता है कि माघ में स्नान करने से पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

MORE NEWS