Masik Durga Ashtami January 2026: दुर्गाष्टमी मां दुर्गा की उपासना का विशेष दिन है, जिसे शक्ति और विजय का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 2026 में पहली दुर्गाष्टमी 26 जनवरी को मनाई जाएगी. इस दिन पूजा, व्रत और कन्या पूजन का खास महत्व है. मान्यता है कि मां दुर्गा ने इसी दिन राक्षसों का संहार किया था. श्रद्धा से की गई पूजा से भय, नकारात्मकता और बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा की उत्पत्ति ब्रह्मा, विष्णु और महेश की संयुक्त शक्ति से हुई है. जो भक्त इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उनके जीवन से नकारात्मकता दूर हो जाती है.माघ माह की मासिक दुर्गाष्टमी 26 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी.
मासिक दुर्गाष्टमी जनवरी 2026: तिथि, समय, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन शक्ति की देवी मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है.
मासिक दुर्गाष्टमी 2026: तिथि और समय
- मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि- 26 जनवरी 2026, सोमवार
- अष्टमी तिथि शुरू- 25 जनवरी 2026, रात 11:10 बजे
- अष्टमी तिथि समाप्त- 26 जनवरी 2026, रात 9:17 बजे
मासिक दुर्गाष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5:26 बजे से 6:19 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:12 बजे से 12:55 बजे तक
- विजय मुहूर्त- दोपहर 2:21 बजे से 3:04 बजे तक
मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व
मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यह व्रत जीवन में स्वास्थ्य, सफलता और समृद्धि लाता है. मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. मां की कृपा से घर की परेशानियां दूर होती हैं और खुशहाली आती है.
मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ लाल रंग के कपड़े पहनें.
- पूजा स्थान को साफ कर जल छिड़ककर शुद्ध करें.
- चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर रखें.
- मां को लाल चुनरी, सिंदूर, रोली, अक्षत और कुमकुम अर्पित करें.
- गेंदे, चमेली या मोगरा के फूल चढ़ाएं.
- भोग में हलवा, पूरी, काले चने और नारियल अर्पित करें.
- धूप-दीप जलाकर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें.
- दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.
- अंत में मां दुर्गा की आरती करें.