Mahashivratri 2026: वैसे तो उज्जैन में हमेशा ही ज्ञान, भक्ति और उत्सवों का उल्लास बना रहता है. साथ ही पूरे साल यहां भक्तों की भारी संख्या में भीड़ लगी रहती है. लेकिन, महाशिवरात्रि श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास होती है. इस दिन उज्जैन में लोगों की तादात इतनी ज्यादा होती है कि पैर रखने की भी जगह नहीं होती.
भक्तों के मन में एक सवाल हमेंशा बना रहता है कि शिवरात्रि को लेकर भगवान महाकाल के दर्शन कब होंगे और मंदिर के कपाट कब से कब तक खुले रहेंगे? तो चलिए बता दें कि महाकाल मंदिर पर शिवरात्रि को लेकर क्या अपडेट है?
मंदिर के पट कब खुलेंगें?
महाकाल मंदिर में भगवान शिव और पार्वती के विवाह की तैयारियां चल रही हैं. भक्तों को शनिवार रात 2.30 बजे का इंतजार है. इस टाइम पर मंदिर के पट खुलेंगे और भोलेनाथ के दिव्य दर्शन कर भक्त अपने जीवन को धन्य बनाएंगे. महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि के लिए शनिवार-रविवार की रात 2.30 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे और यह अगले दिन 16 फरवरी रात 11 बजे तक खुले रहेंगे. इस दौरान भक्त भगवान महाकाल के दर्शन के लिए जा सकेंगे. मतलब लगातार 44 घंटे तक त्रिलोकीनाथ के दर्शन का लाभ लोगों को मिलेगा. साथ ही गर्भगृह में भी महाकाल की पूजा बड़े स्तर पर की जाएगी. भगवान को शीश सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट भी उज्जैन के राजा को चढ़ाया जाएगा.
दर्शन के लिए शानदार व्यवस्था
दूल्हे राजा बने महाकाल पर चांदी के सिक्के न्योछावर किए जाएंगे. प्रशासन ने इस महाशिवरात्रि महापर्व पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए दर्शन करने को लेकर अच्छे इंतजाम भी किए हैं. सामान्य लाइन लगाकर दर्शन के लिए खास इंतजाम हैं हीं लेकिन 250 रुपए के शीघ्र दर्शन और वीआईपी भक्तों के लिए अलग-अलग गेट से एंट्री का इंतजाम किया गया है. शनिवार रात 12 बजे से कर्कराज पार्किंग से सामान्य दर्शनार्थियों के लिए लाइन में लगने की सुविधा है. प्रशासन का कहना है कि भक्तों को 40 मिनट में अच्छे से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे.
ऐसी रहेगी महाशिवरात्रि को लेकर रुटीन
- शनिवार रात 12 मंदिर के पट खुल जाएंगे. इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती की जाएगी.
- रविवार सुबह 4.30 बजे से दर्शनों के अलावा भगवान शिव पर जलधारा की जाएगी.
- रविवार सुबह 7.30 बजे बाल भोग होगा और सुबह 7.30 बजे भोग आरती आयोजित की जाएगी.
- रविवार दोपहर 12 बजे तहसील और शाम 4 बजे होलकर व सिंधिया स्टेट की तरफ से पूजा की जाएगी.
- रात 11 बजे महानिषाकाल में महाकाल की पूजा स्टार्ट होगी. यह रातभर चलेगी.
- सोमवार सुबह ब्रम्हमुहूर्त में 4 बजे भगवान के शीश फल और फूलों से बने मुकुट को सजाया जाएगा. इसका दर्शन सुबह 5 से 10 बजे तक होगा. इसके बाद दोपहर 12 बजे भस्म आरती की जाएगी.
- सोमवार 2.30 बजे भोग आरती के बाद महापर्व सम्पन्न किया जाएगा और पुजारियों का पारणा किया जाएगा.
- फिर रोज की भांति पूजा की जाएगी और रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे
यह सुविधा निशुल्क रहेगी
इस खास मौके पर भगवान महाकाल अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए फ्री फलाहार का इंतजाम किया गया है. साथ ही दर्शन के रास्ते पर फ्री में पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है. इसके अलावा एंट्री गेट पर फ्री जूता स्टैंड और इलाज के लिए मेडिकल फेसिलिटी प्रदान की गई है. किसी भी प्रकार के भटकाव से बचने के लिए गूगल मैप को यातायात पुलिस और तकनीकी टीम द्वारा कंट्रोल किया जाएगा. इससे भीड़ से बचने में बाहर से आए भक्तों को राहत मिलेगी.