Mahashivratri Vrat 2026: महाशिवरात्रि को हिंदू धर्म में सिर्फ एक व्रत नहीं बल्कि बड़ा पर्व माना जाता है. मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव का होता है. इस दिन भक्त भगवान शिव और पार्वती की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. कहा जाता है कि जो भी इंसान पूरे श्रद्धा भाव से महाशिवरात्रि का व्रत रखता है पूरे विधि विधान से पूजा करता है उसका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सभी तरह के कष्ट दूर होते है. अविवाहितों को मन चाहा जीवन साथी मिलता है. लेकिन क्या जानते हैं कि हर कोई महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रख सकता हैं, कुछ लोगों के लिए इस व्रत को रखने की मनाही होती हैं. आइये जानते हैं यहां कि किन लोगों महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए.
कब है महाशिवरात्रि? (Mahashivratri 2026 Date)
हर सा फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि व्रत किया जाता हैं. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस साल 15 फरवरी 2026 के दिन शाम में 5 बजकर 5 मिनट पर शुरु होगी और 16 फरवरी की शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी. चूंकि महाशिवरात्रि की पूजा और जागरण रात के समय ही किए जाते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा 15 फरवरी 2026 की रात को ही होगा.
किन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत
हिंदू धर्म के अनुसार, कोई भी व्रत रखने से पहले इसके नियमों जरूर जान लेने चाहिए. महाशिवरात्रि का व्रत भी हर कोई नहीं रख सकता है. आइए यहां जान लेते हैं किन लोगों को महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए.
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं- जो महिलाए गर्भवती है या अपने बच्चों को स्तनपान कराती है, उन महिलाओं को महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए, क्योंकि उन महिलाओं पोषण की अधिक आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें व्रत करने से बचना चाहिए. ऐसे में आप महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का ध्यान कर सकती हैं
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को – जिन लोगों को कोई गंभीर बीमारी हो, या फिर वो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी जैसी परेशानी से जूझ रहे हैं, उन लोगों को भी महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए, क्योंकि दवाइयां और खाना-पीना छोड़ना इनकी सेहत को खराब कर सकता है, व्रत रखने का सोच रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
- मासिक धर्म में चल रही महिलाएं- जो महिलाएं मासिक धर्म में हो उन महिलाओं को महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए, क्योंकि मासिक धर्म के दौरान बिना खाए पीए कमजोरी ज्यादा बढ़ सकती हैं. ऐसे में आप महाशिवरात्रि शिव के मंत्रों का जाप कर सकती हैं और उनका ध्यान कर सकती हैं.
शास्त्रों के अनुसार यदि विषम परिस्थिति या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कोई व्रत नहीं रख सकता, तो उसे सिर्फ ध्यान, मंत्र जाप, दान-पुण्य के साथ सात्विक भोजन करना चाहिए, ऐसा करने से भी व्रत के जीतना फल आपको प्राप्त होता है.
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