Belpatra Vastu In Mahashivratri 2026: बेलपत्र ऐसे ही चमत्कारी पौधों में से एक है. महाशिवरात्रि के दिन इस पौधे के नीचे दीया जलाने की परंपरा है. कहा जाता है कि, ऐसा करने से देवो के देव महादेव प्रसन्न होकर जातक को आशीर्वाद देते हैं. लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि दीया को हमेशा सही समय पर ही जलाएं. अब सवाल है कि आखिर, बेल के पेड़ के नीचे दीया क्यों जलाते हैं? किस समय दीया जलाना शुभ रहेगा? क्या हैं दीपक जलाने के नियम हैं? इस बारे में बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
जानिए, महाशिवरात्रि पर बेल के पेड़ के नीचे दीया जलाने से क्या होगा? (Canva)
Belpatra Vastu In Mahashivratri 2026: सनातन धर्म में कई ऐसे पौधे हैं, जिन्हें देवताओं के स्वरूप में पूजते हैं. जैसे- तुलसी, नीम, बरगद, बेलपत्र और शमी आदि. धार्मिक मान्यता है कि, देवगणों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए लोग इन पेड़-पौधों के नीचे दीया जलाते हैं. बेलपत्र ऐसे ही चमत्कारी पौधों में से एक है. महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) के दिन इस पौधे के नीचे दीया जलाने की परंपरा है. कहा जाता है कि, ऐसा करने से देवो के देव महादेव प्रसन्न होकर जातक को आशीर्वाद देते हैं. लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि दीया को हमेशा सही समय पर ही जलाएं. अब सवाल है कि आखिर, बेल के पेड़ के नीचे दीया क्यों जलाते हैं? महाशिवरात्रि के दिन बेल पेड़ के नीचे दीया क्यों जलाना चाहिए? किस समय दीया जलाना शुभ रहेगा? क्या हैं दीपक जलाने के नियम हैं? दीया जलाते समय किस मंत्र का करें जाप? इस बारे में India News को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, महाशिवरात्रि का दिन भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है. इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को पड़ रही है. इन दिन शिवजी का आशीर्वाद पाने के लिए लोग तमाम उपाय करते हैं. लेकिन, बेल के पेड़ के नीचे दीया जलाना अधिक फायदेमंद हो सकता है. शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन बेल के पेड़ की जड़ में दीपक जलाने वाले जातक को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, बेल के वृक्ष की जड़ में भगवान शिव का वास होता है. इसे लिंग रूप भी कहा जाता है. इसके अलावा, बेलपत्र के पेड़ में मां लक्ष्मी का वास भी होता है. इसलिए रोज दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. साथ ही, ऐसा करने वाले जातक को शिव लोक की प्राप्ति हो सकती है.
शिवरात्रि के दिन बेल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा है. लेकिन, इस दीया का जलाने किस सयम है इसको लेकर लोगों में कंफ्यूजन होती है. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, शिवजी की पूजा रात्रि पहर में करना सबसे शुभ होता है. इसलिए शाम के समय ही बेल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना अधिक शुभ है. अगर समय की बात करें तो शाम को 5 बजे या 7 बजे के मध्य दीपक जलाएं.
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, बेलपत्र के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाते समय पुरुषों को ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. जबकि महिलाओं को इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए. ऐसे में महिलाएं केवन नम: शिवाय मंत्र का जाप करें.
शिवजी की होगा कृपा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र पेड़ के नीचे दीपक जलाने से भगवान महादेव की कृपा होती है. दरअसल, बेलपत्र भगवान शिव का प्रिय पौधा होता है. शिवलिंग पर भी बेलपत्र को अर्पित किया जाता है. खासतौर पर शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाया जाता है.
शुभ फलों की होगी प्राप्ति: वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाना बेहद ही अच्छा माना जाता है. मान्यता है कि, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही, दीपक जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं.
मनोकामनाएं होंगी पूर्ण: ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने वाले जातकों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि भक्त रोजाना बेलपत्र के नीचे दीपक जलाते हैं. मान्यता है कि, ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
धन-लाभ होगा: यदि कोई जातक धन से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है, उन्हें बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से धन की प्राप्ति होती है. साथ ही नौकरी और व्यापार में तरक्की होने के योग बनते हैं. ध्यान रखें कि, शाम को सूर्यास्त के बाद घी का ही दीपक जलाएं.
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