Mahashivratri Fasting Guide 2026: वैसे तो शिवरात्रि हर महीने की चतुर्दशी को पड़ती है लेकिन महाशिवरात्रि साल में सिर्फ एक बार ही आती है. जो इस बार 15 फरवरी यानी आज है. शिवभक्तों के लिए ही नहीं बल्कि यह खास त्योहार हर इंसान के लिए अहम है. इस दिन आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह भी अलग ही ढंग से होता है. महाशिवरात्रि पर लोग व्रत रखकर भगवान की पूजा करके पुण्य कमाते हैं. यह पल बेहद खास होता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन लोग उपवास रखने को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं कि वह क्या खाएं और क्या ना खाएं? कहते हैं कि उपवास रखने से आपकी सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही भोले बाबा भी खुश होते हैं और भक्तों की इच्छाओं को पूरा करते हैं. इस महापर्व पर अविवाहित लोग मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं. आइए जानते हैं इस बारे में पंडित और भोपाल के ज्योतिषाचार्य प्रमोद पांडेय का क्या कहना है?
व्रत से जुड़े कुछ नियम
ज्योतिषाचार्य, पंडित प्रमोद पांडेय के अनुसार, हर साल फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत (Mahashivratri Fasting Guide 2026) रखा जाता है. साल 2026 में 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का त्योहार पड़ रहा है. भक्त लोग सुबह से ही भगवान को जल चढ़ाने के लिए शिवालय में जाते हैं. इस दिन मंदिरों में काफी भीड़ होती है. भक्त सुबह से उठकर स्नान करके तैयार होकर सात्विक मन से भोलेनाथ को जलधारा से अभिषेक करते हैं. हालांकि, महाशिवरात्रि के व्रत से जुड़े कई नियम भी हैं, जिनका पालन करने पर ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है. यहां पर आप जानेंगे कि Mahashivratri 2026 के व्रत में आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? इसके अलावा आपको दिनभर अपनाए जाने वाले नियमों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है.
- निर्जला उपवास- इस व्रत में भक्त न तो कुछ खाते हैं और ना ही पीते हैं.
- फलाहार उपवास- इस तरह के व्रत में भक्त दिन में एक या दो बार फल खा सकते हैं. इससे शरीर में एनर्जी मेंटेन रहेगी. साथ ही फास्ट से जुड़ी चीजें ले सकते हैं.
- एकभुक्त उपवास- इसमें भक्त अपने सामर्थ के अनुसार दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन ले सकते हैं.
भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही व्रत रखते हैं. अगर किसी में पूरे दिन भूखे रहने की क्षमता है तो वह बिना फलाहार के भी रह सकता है. या फिर जूस या फल का आहार लेकर भी व्रत किया जाता है. जैसे घर की महिलाओं के लिए बहुत काम करना पड़ता है. ऐसे में उन्हें कुछ फल खाकर व्रत रखना चाहिए. व्रत के दिन फल के अलावा साबूदाना की खिचड़ी और खीर, कट्टू के आटे की पूरी या चीला, सिंघाड़े के आटे की पूरी या हलवा, समा के चावल, शकरकंद, कद्दू और लौकी का हलवा या सब्जी, आलू, मखाने, दही भी खा सकते हैं. साथ इनके साथ सेंधा नमक लेना चाहिए. नीबू पानी और दूध भी पीने के बारे में बताया जाता है.
व्रत में कौन से फल खा सकते हैं?
महाशिवरात्रि के दिन अगर फलाहार पर ही उपवास रख रहे हैं तो केला, सेब, अनार, पपीता, अंगूर, संतरा, तरबूज, खरबूजा, नाशपाती, अमरूद, नारियल, अनानास, सीताफल और अंजीर जैसे ताजे फल खाए जा सकते हैं. इससे आपके शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी. आप एक बार सुबह की पूजा के बाद फलाहार कर सकते हैं और फिर एक बार शाम को ले सकते हैं. (mahashivratri ke vrat mein kaun kaun se fal kha sakte hain) अगर ज्यादा भूख लगती है तो दिन में अपनी क्षमता के अनुरूप फल ले सकते हैं.
महाशिवरात्रि के व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
पंडित प्रमोद पांडेय बताते हैं कि महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान अनाज, शराब और तामसिक चीजों को लेने से बचना (mahashivratri ke vrat me kya nahi khaye) चाहिए. साथ ही चाय और कॉफी से भी दूरी बनानी चाहिए. इससे आपके शरीर में तामसिक प्रभाव बढ़ता है जो मन को भी दूषित करता है. इसलिए हो सके तो इस दिन चीजों से दूर रहें.
महाशिवरात्रि व्रत के नियम (mahashivratri vrat ke niyam kya hai)
- इस दिन सुबह स्नान करके साफ धुए हुए वस्त्र पहनने के बाद ही पूजा करें.
- व्रत का संकल्प लें और फिर पूजा करें.
- संकल्प को लिया है तो उसे पूरा जरूर करें.
- नेगेटिव चीजों से दूर रहें.
- बताए गए गुरु मंत्र का ज्यादा से ज्यादा जाप करें.
- इस दिन रात में जागरण का नियम है.
- शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें.
- ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें.