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Makar Sankranti 2026: आज मकर संक्रांति के दिन इस शुभ मुहूर्त में करें दान! सोने-चांदी जैसी चमकेगी किस्मत, धन की नहीं कमी

Makar Sankranti 2026: आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए आज मकर संक्रांति का त्योहार है, इसे उत्तरायण की शुरुआत भी कहा जाता है. मकर संक्रांति के त्योहार को पूरे भारत में बेहद धूम-धाम से मनाया जाता है, इस दिन आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें भी अड़ाते हैं, परिवार और दोस्तो की बधाइया देते हैं.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: January 13, 2026 18:55:48 IST

Makar Sankranti 2026: आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए आज मकर संक्रांति का त्योहार है, इसे उत्तरायण की शुरुआत भी कहा जाता है. मकर संक्रांति के त्योहार को पूरे भारत में बेहद धूम-धाम से मनाया जाता है, इस दिन आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें भी अड़ाते हैं, परिवार और दोस्तो की बधाइया देते हैं.

मकर संक्रांति का दिन पूजा पाठ के लिए बेहद खास माना जाता हैं, इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान के साथ-साथ दान करने का भी बेहद महत्व होता है, मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति सके दिन दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होता है, लेकिन अगर कोई दान शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो अधिक शुभ फल मिलता हैं. आइये जानते हैं यहां आज मकर संक्रांति के दिन दान करने का शुभ मुहूर्त क्या है?

मकर संक्रांति के दिन दान करने का शुभ मुहूर्त क्या है

हिंदू पंचांग के अनुसार, आज सूर्य देव दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में इसका पुण्यकाल दोपहर 2 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 45 मिनट बजे तक रहेगा, जबकि महापुण्य काल दोपहर 2 बजकर 49 मिनट से लेकर 3 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. ऐसे में पुण्यकाल कुल अवधि लगभग 16 घंटे की मानी जा रही है. इस अवधि में आप दान क्रिया कर सकते है और पुण्यफल की प्राप्ति पा सकते हैं वहीं पंचांग के अनुसार 23 वर्षों बाद मकर संक्रांति के दिन बेहद अद्भुत संयोग भी बन रहा हैं. अनुराधा नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. इसके अवाला ग्रहों की चाल से चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है, जो ज्योतिष दृष्टि के अनुसार अत्यंत शुभ माना जा रहा है. इसके अलावा आज षटतिला एकादशी भी है.

  • अमृत काल: 3:22 PM से 5:10 PM तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: 5:38 AM से 6:25 AM तक
  • अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं

मकर संक्रांति के दिन होती है भगवान सूर्य की उपासना

मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलर कर मकर राशि में प्रवेश करते है, जिसे सूर्य का उत्तरायण भी कहा जाता है. इसी के साथ खरमास का समापन भी हो जाता है और सभी शुभ कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं. इसलिए धार्मिक दृष्टि के अनुसार, मकर संक्रांति का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए खास होता है. इस दिन सूर्य की किरणें विशेष रूप से शक्तिशाली और अमृततुल्य मानी जाती हैं, इस दिन पृथ्वी पर सूर्य की ऊर्जा और सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है, जो शरीर व मन को शुद्ध करता है और स्वास्थ्य, आत्मबल, ज्ञान एवं समृद्धि लाता है। इस दिन सूर्य को अर्घ्य देना, सूर्य के मंत्रों का जाप करना और दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है, ऐसा करने से जीवन की परेशानियां खत्म होती है, व्यक्ति रोग मुक्त होता है, नकारात्मकता दूर होती है, मानसिक तनाव खत्म होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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