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Most Famous Saraswati Temple: भारत में मौजुद 5 सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिर, बसंत पंचमी पर होता है विशाल आयोजन

Most Famous Saraswati Temple: यहा हम आपको बता रहे हैं भारत में मौजुद उन 5 सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों के बारे में, जहां बसंत पंचमी का त्योहार बेहद धुमधाम से मनाया जाता है और विशाल आयोजन होता है.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: January 20, 2026 20:13:13 IST

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Most Famous Saraswati Temple: हिंदू पंचाग के अनुसार इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी के दिन मनाया जाएगा यानी आज से 2 दिन बाद. इस शुभ दिन पर लोग मां सरस्वती की पूजा करते हैं, जिन्हें ज्ञान, बुद्धि और संगीत की देवी माना जाता है. बसंत पंचमी के दिन लोग सरस्वती माता का आशीर्वाद लेने मंदिर जाते हैं और अच्छे और सफल जीवन की कामना करते हैं. ऐसे में आप भी बसंत का स्वागत करने और बसंत पंचमी का जश्न मनाने के लिए सरस्वती माता के मंदिर जाना चाहते हैं, तो यहां आपको भारत में मौजुद उन 5 सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों के बारे में, जहां बसंत पंचमी का त्योहार बेहद धुमधाम से मनाया जाता है और विशाल आयोजन किया जाता है.

भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिर

ज्ञान सरस्वती मंदिर, बासर (तेलंगाना)

तेलंगाना की गोदावरी नदी के तट पर बना मां सरस्वती का यह मंदिर सबसे प्रमुख सरस्वती मंदिरों में से एक है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां महाभारत के युद्ध के बाद महर्षि व्यास ने शांति के लिए तपस्या की थी. इस मंदिर मे छोटे बच्चों का ‘अक्षर अभ्यासम’ यानी शिक्षा की शुरुआत संस्कार किया जाता हैं. यह मंदिर दिखने में बेहद खूबसूरत है और यहां जाते ही आपको अनोखी शांति का अनुभव होता हैं. बसंत पंचमी का त्योहार यहां बेहद धुमधाम से मनाया जाता है.

विद्या सरस्वती मंदिर, वरगल (तेलंगाना)

तेलंगाना के मेदक जिले में स्थित यह मां सरस्वती का यह मंदिर एक पहाड़ी पर बनाया गया है, यहां का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक है. इस मंदिर में एक वेदमार्ग और धार्मिक शिक्षा केंद्र भी है. बसंत पंचमी के खास अवसर पर यहां भव्य उत्सव बेहद धुमधाम से बनाया जाता है.

शृंगेरी शारदा पीठम, कर्नाटक

कर्नाटक में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित यह प्रसिद्ध मठ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है. इस खूबसूरत मंदिर में मां सरस्वती ‘शारदा’ के रूप में विराजमान है. मंदिर की वास्तुकला द्रविड़ शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है. दक्षिण भारत में मां सरस्वती के इस मंदिर को ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. बसंत का स्वागत यहां बेहद विशाल तरह से किया जाता है.

दक्षिण मूकाम्बिका मंदिर, कोट्टायम (केरल)

केरल के कोट्टायम जिले के पनाविला में मौजुद मां सरस्वती यह मंदिर ‘पनचिक्कड़ सरस्वती मंदिर’ के नाम से भी मशहुर है. यहां देवी की मूर्ति के पास एक निरंतर जलधारा बहती रहती है और मूर्ति को पौधों (लताओं) ने ढका हुआ है. इसे ‘दक्षिण की मूकाम्बिका’ कहा जाता है. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के दर्शन के लिए यह मंदिर सबसे अच्छा है.

महा सरस्वती मंदिर, कोठाद (गुजरात)

गुजरात के कच्छ में बना मां सरस्वती यह मंदिर बहुत प्राचीन है. भक्त यहां अपनी याददाश्त और वाणी की शुद्धि के लिए प्रार्थना के लिए हैं और छात्र विशेष रूप से अपनी परीक्षाओं से पहले आशीर्वाद लेने आते हैं. इस मंदिर में बसंत पंचमी के दौरान विशेष पूजा अर्चना की जाती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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