Maa Bagdai Mandir: देशभर में माता रानी के मंदिरों में आमतौर पर भक्त फूल, फल और नारियल अर्पित करते हैं. कुछ जगहों पर आज भी बलि जैसी परंपराएं देखने को मिलती हैं, लेकिन एक ऐसा मंदिर भी है जहां पूजा का तरीका बिल्कुल अलग है. यहां माता को प्रसाद के रूप में गिनकर सिर्फ पांच पत्थर चढ़ाए जाते हैं. सुनने में यह परंपरा अजीब जरूर लगती है, लेकिन यह पूरी तरह सच है.
देशभर के देवी मंदिरों में जहां आमतौर पर फूल, फल और नारियल अर्पित किए जाते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मां बगदाई मंदिर की परंपरा बिल्कुल अलग है. यहां भक्त माता को प्रसाद के रूप में गिनकर पांच पत्थर और एक फूल चढ़ाते हैं. यह अनोखी परंपरा वर्षों से चली आ रही है और मंदिर में आपको चारों ओर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए पत्थर दिखाई देंगे. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन की नकारात्मकता दूर होती है.
कैसे शुरू हुई पत्थर चढ़ाने की परंपरा
कहा जाता है कि यह मंदिर पहले घने जंगल में स्थित था. करीब 100 साल पहले एक चरवाहे को यहां मां की प्रतिमा मिली थी. मां ने उसे सपने में दर्शन देकर वहीं स्थापना करने का आदेश दिया. चरवाहे ने मंदिर तो बनवा दिया, लेकिन उसके पास भोग अर्पित करने के लिए कुछ नहीं था. तब मां ने उसे संकेत दिया कि वह पांच पत्थर चढ़ाए, क्योंकि उन्हें भौतिक चीजों से ज्यादा सच्ची भक्ति प्रिय है. तभी से यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है.
मनोकामना पूरी होने पर दोबारा आना जरूरी
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अगर कोई भक्त सच्चे मन से पांच पत्थर और एक फूल चढ़ाकर मां से कुछ मांगता है और उसकी इच्छा पूरी हो जाती है, तो उसे दोबारा मंदिर में आकर आभार स्वरूप फिर से यही अर्पण करना चाहिए. खासकर नवरात्रि के समय यहां भव्य मेला लगता है, जहां हजारों श्रद्धालु जुटते हैं और मां की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.