Premanand Maharaj: हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद से ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी मिले. श्री राधा केलीकुंज में, दोनों ने मंत्रों और संतों के महत्व पर जोर देते हुए आध्यात्मिक चर्चा की. कुमार स्वामी ने बताया कि उन्होंने बीज मंत्रों से लाखों लोगों की बीमारियां ठीक की हैं. संत प्रेमानंद ने अपनी सेहत के बारे में भी जानकारी दी, उन्होंने बताया कि उनका डायलिसिस होता है, फिर भी वे सेहतमंद हैं. श्री राधा केलीकुंज में हुई मुलाकात श्री राधा केलीकुंज में, ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी और संत प्रेमानंद ने आध्यात्मिक चर्चा की. उन्होंने कहा कि मंत्रों और संतों में बहुत ताकत होती है. मंत्र संतों के कंट्रोल में होते हैं. संत अपनी मर्ज़ी से किसी भी मंत्र को जगा सकते हैं और कंट्रोल कर सकते हैं. इसलिए, भगवद गीता और पुराणों में संतों की महिमा गाई गई है. बीज मंत्र से लाखों लोगों की बीमारियां ठीक करने का दावा संत को ब्रह्मर्षि के बारे में बताया गया, जिन्होंने बीज मंत्र से लाखों लोगों की बीमारियां ठीक की थीं. संत प्रेमानंद ने जवाब दिया, "हम डायलिसिस करवाते हैं, और हमारे पैर सूजे रहते हैं. लेकिन हम ठीक हैं." प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए सुबह 2 बजे से ही वृंदावन के परिक्रमा रूट पर भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है. वह रोज़ाना अपने आश्रम से अपने शिष्यों के साथ परिक्रमा के लिए पैदल निकलते हैं, और उससे पहले ही, उन्हें देखने के लिए सैकड़ों अनुयायी सड़कों पर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं. प्रेमानंद महाराज का आश्रम श्रीहित प्रेमानंद महाराज का आश्रम वृंदावन के राधा निकुंज में रमणरेती रोड पर है. देश भर में उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. उनकी दोनों किडनी लगभग एक दशक से खराब हैं और वे रेगुलर डायलिसिस करवाते हैं. लगभग दो साल पहले, क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का के साथ उनका आशीर्वाद लेने आए थे. यह वीडियो इंटरनेट पर आने के बाद, बड़ी-बड़ी हस्तियां उनका आशीर्वाद लेने के लिए आने लगीं. उनके प्रवचन सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं प्रेमानंद जी महाराज, जो असल में कानपुर के रहने वाले हैं, कई सालों से वृंदावन में रह रहे हैं. वह पूरे ब्रज में घूमकर भिक्षा मांगते थे. जो प्रसाद मिलता था, वही खाते थे. उनके प्रवचन अब इंटरनेट पर खूब शेयर हो रहे हैं. Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.