Ramadan 2026: इस्लामी कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान 2026 का 19 फरवरी 2026 से आगाज हो चुका है. रमजान दुनिया भर के मुसलमानों के मनाए जाने वाले सबसे खास त्योहारों में से एक है. रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन इसी महीने में अवतारित हुआ था इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है. इस पूरे माह हर स्वस्थ मुसलमान के लिए रोज़ा रखना अनिवार्य है. लेकिन, कुछ भ्रम अक्सर लोगों में बने रहते हैं. जैसे- क्या रोज रहते हुए टीका लगवा सकते हैं? क्या रोजा में मलहम लगाना सही है? क्या रोजा के दौरान ब्लड डोनेट कर सकते हैं? अगर किसी को थॉयराइड है तो उनको दवा कब लेनी चाहिए? इन कंफ्यूजन को दूर करने से लिए गोरखपुर के प्रोफेसर डॉ. कफील खान ने सोशल मीडिया X पर वीडियो शेयर किया है. आइए उन्हीं से जानते हैं सच्चाई-
रोजा रहते हुए टीका लगवा सकते हैं या नहीं?
डॉ. कफील खान कहते हैं कि, रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखते हुए टीका लगवाना जायज है और इससे रोजा नहीं टूटता है. इसलिए रोजे के वक्त अगर किसी की तबीयत खराब हो जाती है और डॉक्टर उसको इंजेक्शन लगाने के लिए बोलता है, तो वह निश्चिंत होकर टीका लगवा सकते हैं.
रोज़े में ब्लड डोनेट करना चाहिए या नहीं?
डॉक्टर कहते हैं कि, बिलकुल ब्लड डोनट किया जा सकता है. क्योंकि, इस्लाम में किसी की जान बचाना बहुत ही सवाब का काम बताया गया है. ब्लड देने में कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन प्लाज्मा या खून रोजेदार को चढ़ाया नहीं जा सकता है. डोनेट करके वक्त भी इस बात का ध्यान रखें कि रोज़ा तोड़ने की नौबत न आए. मजबूरी में रोज़ा छोड़ना कोई गुनाह नहीं है. इसी तरह ब्लड टेस्ट भी करा सकते हैं.
क्या रोज़ा रहते मलहम लगा सकते है ?
डॉक्टर कहते हैं कि, अगर किसी व्यक्ति को चोट लग जाए तो मलहम लगा लेना चाहिए. क्योंकि, रमजान के दौरान मलहम लगाने से रोजा नहीं टूटता है. बता दें कि, शरीयत में बहुत सारी सहूलियतें में भी दी गई हैं, जिसका सभी को लाभ उठाना चाहिए.
क्या रोज़ा रहते नाक, कान और आंख के ड्राप डाल सकते है?
अगर कोई व्यक्ति रोजा रहते हुए नाक, कान और आंख की परेशानी से जूझ रहा है, और डॉक्टर ने उसे ड्रॉप डालने को बोला है तो बिलकुल डाल सकता है. ऐसा करने से रोजा नहीं टूटता है. शरीयत में बहुत सारी सहूलियतें में भी दी गई हैं, जिसका सभी को लाभ उठाना चाहिए.
रोज़ा रहते थायरॉयड की दवा कब ले?
अगर किसी रोजेदार को थायरॉयड है तो उसे दवा जरूर लेनी चाहिए. लेकिन, समय का जरूर ध्यान रखना है. बता दें कि, थायरॉइड पीड़ितों को इफ्तार से पहले दवा ले लेनी चाहिए. ऐसा करने से उनका रोजा टूटेगा नहीं.