Ramadan 2026 Today Sehri/Iftar time: रमजान के महीने में सेहरी और इफ्तार का बहुत खास महत्व होता है. कहा जाता है कि, सेहरी करने से इंसान को पूरे दिन के रोज़े के लिए ताकत मिलती है और वह भूख-प्यास को बेहतर तरीके से सहन कर पाता है. वहीं, सूर्य ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है. आइए जानते हैं कि, आज सहरी और इफ्तार का समय क्या रहने वाला है? आइए जानते हैं इस बारे में-
जानिए, आज का सहरी और इफ्तार का समय क्या है? (Canva)
Ramadan 2026 Today Sehri/Iftar time: इस्लामी कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान 2026 का 19 फरवरी 2026 से आगाज हो चुका है. रमजान दुनिया भर के मुसलमानों के मनाए जाने वाले सबसे खास त्योहारों में से एक है. रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन इसी महीने में अवतारित हुआ था इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है. रमजान के महीने में सेहरी/ सहरी/ शहरी और इफ्तार का बहुत खास महत्व होता है.
कहा जाता है कि, सेहरी करने से इंसान को पूरे दिन के रोज़े के लिए ताकत मिलती है और वह भूख-प्यास को बेहतर तरीके से सहन कर पाता है. इस्लाम में सेहरी को सुन्नत बताया गया है और इसमें बरकत मानी जाती है. वहीं, सूर्य ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है. इसलिए रमजान के दौरान रोजेदार रोज़ा सहरी और इफ्तार समय को जरूर देखता है. अब सवाल है कि, रमजान क्या है? रोज़ा में सहरी और इफ्तारी क्या है? आज सहरी और इफ्तार का समय क्या रहने वाला है? आइए जानते हैं इस बारे में-
रमज़ान इस्लामी चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना है और उपवास का पवित्र महीना है. इस्लामी परंपरा के अनुसार, रमज़ान के दौरान "शबे कद्र" की रात को अल्लाह ने पैगंबर मुहम्मद को कुरान का ज्ञान दिया था. शबे कद्र रमज़ान की आखिरी 10 रातों में से किसी एक रात को मनाई जाती है, जो अक्सर 27वीं रात होती है.
बता दें कि, सहरी वो समय होता है जब रोजेदार सुबह की नमाज से पहले कुछ खा लेता है. इसके बाद दिन भर अन्न या जल किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता है. वहीं, शाम को सूर्यास्त के बाद जब रोज़ा खोला जाता है तो उसे इफ्तारी कहा जाता है. बता दें कि, आमतौर पर खजूर खाकर रोज़ा खोला जाता है. माना जाता है कि रोज़ेदार की दुआ इफ्तार के वक्त खास तौर पर कबूल होती है. इसलिए रोज़ा खोलते समय अल्लाह का शुक्र अदा करना और अपने लिए, परिवार के लिए और पूरी उम्मत के लिए दुआ करना बेहतर होता है.

शहर सेहरी का समय इफ्तार का समय
दिल्ली (एनसीआर) सुबह 5:35 (21 फरवरी) शाम 6:15
मुंबई सुबह 5:50 (21 फरवरी) शाम 6:41
कोलकाता 04:49 पूर्वाह्न (21 फरवरी) 05:36 अपराह्न
बेंगलुरु 05:29 पूर्वाह्न (21 फरवरी) 06:27 अपराह्न
हैदराबाद सुबह 5:27 (21 फरवरी) शाम 6:20
चेन्नई सुबह 5:18 (21 फरवरी) शाम 6:16
लखनऊ सुबह 5:20 (21 फरवरी) शाम 6:02
कानपुर सुबह 5:22 (21 फरवरी) शाम 6:05
रांची सुबह 5:02 (21 फरवरी) शाम 5:48
अहमदाबाद सुबह 5:52 (21 फरवरी) शाम 6:39
सूरत सुबह 5:51 (21 फरवरी) शाम 6:40
पुणे सुबह 5:46 (21 फरवरी) शाम 6:38
नोट- ये समय रमज़ान 2026 के दूसरे रोज़े के लिए हैं और स्थानीय सूर्यास्त और सूर्योदय की गणना के आधार पर इनमें थोड़ा बदलाव संभव है.
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद दिखने की संभावना के अनुसार, रमजान 2026 का समापन 20 मार्च, 2026 को ईद अल-फितर के साथ होने की उम्मीद है. अंतिम दिन, सेहरी सुबह लगभग 5:06 बजे और इफ्तार शाम लगभग 6:33 बजे होने की उम्मीद है, जो महीने भर के रोज़े के पूरा होने का प्रतीक होगा. बता दें कि, जैसे ही अर्धचंद्र चंद्रमा भारत में रमजान 2026 की शुरुआत का संकेत देता है, यह पवित्र महीना एक बार फिर आध्यात्मिक विकास, कृतज्ञता और मजबूत सामुदायिक संबंधों का अवसर लेकर आता है.
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