Live
Search
Home > धर्म > Ramadan 2026: इस साल रमजान में सबसे लंबे और छोटे रोज़े कहां रखे जाएंगे? जानें भारत में कब से शुरू होगा पाक महीना

Ramadan 2026: इस साल रमजान में सबसे लंबे और छोटे रोज़े कहां रखे जाएंगे? जानें भारत में कब से शुरू होगा पाक महीना

Ramadan 2026:  मुसलमानों का पवित्र महीना रमज़ान मंगलवार 17 फरवरी को सूर्यास्त के बाद या बुधवार 18 फरवरी को शुरू हो रहा है. हालांकि, यह इस पर निर्भर करता है कि आप रहते कहां हैं. इसी के अनुसार, भारत में भी रोजा रखा जाएगा. दुनिया भर के कई मुसलमान, इस महीने के 29–30 दिन तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि, इस साल सबसे लंबे और सबसे छोटे रोज़े कहां रखे जाएंगे.

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: February 17, 2026 12:39:13 IST

Mobile Ads 1x1

Ramadan 2026: मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. आमतौर पर, रमज़ान हर साल करीब 11 दिन पहले पड़ता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोजा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. यह महीना आत्मशुद्धि, सब्र, इबादत और इंसानियत की सेवा का संदेश देता है. इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन इसी महीने में अवतारित हुआ था इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है. इस पूरे माह हर स्वस्थ मुसलमान के लिए रोजा रखना अनिवार्य है. मान्यता है कि, रोजा रखने से आत्मसंयम और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है. 

मुसलमानों का पवित्र महीना रमज़ान मंगलवार 17 फरवरी को सूर्यास्त के बाद या बुधवार 18 फरवरी को शुरू हो रहा है. हालांकि, यह इस पर निर्भर करता है कि आप रहते कहां हैं. इसी के अनुसार, भारत में भी रोजा रखा जाएगा. दुनिया भर के कई मुसलमान, इस महीने के 29–30 दिन तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं.  रोज़ा रखने वालों को बिना खाना-पानी के रहने के लिए कुछ ख़ास शर्तों का पालन करना होता है- जो ज़्यादातर सेहत से जुड़ी होती हैं.

मौसम रोज़े को कैसे प्रभावित करते हैं?

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी है, इसलिए वहां दिन बड़े होते हैं और रोज़ा रखने के घंटे भी ज़्यादा होते हैं, जबकि जब रमज़ान सर्दियों में आता है तो रोज़े के घंटे कम होते हैं. उधर उत्तरी गोलार्ध में अभी सर्दी है, इसलिए वहां रोज़ा रखने का समय उन गर्मियों में पड़ने वाले रमज़ान के महीनों की तुलना में कम होता है. स्थान के साथ दिन की रोशनी भी बदलती है. आप भूमध्य रेखा से जितनी दूर होंगे गर्मियों में दिन और सर्दियों में रातें उतनी ही लंबी होंगी. 

सबसे लंबे और छोटे रोज़े कहां रखे जाते हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, चिली के पुर्तो विलियम्स में सबसे लंबा रोज़ा रखा जाएगा. इसको अक्सर दुनिया का सबसे दक्षिणी शहर माना जाता है, इस रमज़ान की शुरुआत में रोज़ा सुबह लगभग साढ़े छह बजे से रात नौ बजे तक (करीब साढ़े 14 घंटे) रहेगा. वहीं, नॉर्वे के लॉन्गइयरबायन में, जिसे आमतौर पर दुनिया का सबसे उत्तरी कस्बा माना जाता है. महीने की शुरुआत में रोज़ा सुबह के लगभग 10:50 बजे से दोपहर के डेढ़ बजे तक (ढाई घंटे से थोड़ा ज़्यादा) रहेगा. जैसे-जैसे दिन बड़े होते जाएंगे, रमज़ान के आख़िरी दिन रोज़ा लगभग साढ़े 12 घंटे का हो जाएगा. दुनिया के ऐसे चरम परिस्थिति वाले हिस्सों में मुसलमान या तो मक्का के समय का पालन करते हैं. क्योंकि उन्हें खाने के लिए बहुत थोड़ा या न के बराबर समय मिलता है या फिर वे रोज़े ही नहीं रखते.

जून के रोज़े लंबे और दिसंबर के रोज़े छोटे

दुनिया के उत्तरी हिस्सों में, सबसे लंबे रोज़े तब होते हैं जब रमज़ान 21 जून के आस-पास पड़ता है, और सबसे छोटे रोज़े तब होते हैं जब यह 21 दिसंबर के आस-पास आता है. दक्षिणी हिस्सों में इसका उल्टा होता है. हर साल रमज़ान जब दिसंबर की ओर बढ़ता है तो रोज़े लंबे होते जाते हैं और जब जून की ओर बढ़ता है तो रोज़े छोटे होते जाते हैं.

दुनिया भर में मुसलमान किस समय रोज़ा रखेंगे?

अरब दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में रोज़ा रखने का समय रोज़ाना 12 से 13 घंटे के बीच रहेगा, जिससे इस साल का रमज़ान हाल के वर्षों में सबसे संतुलित रोज़ों वाला महीना होगा. पवित्र शहर मक्का में, रमज़ान की शुरुआत में रोज़ा सुबह लगभग 06:50 बजे शुरू होगा और शाम 18:20 बजे ख़त्म होगा (करीब 11.5 घंटे). महीने के आख़िर तक इसमें आधा घंटा और बढ़ जाएगा. दक्षिणी गोलार्ध के बड़े शहरों में रहने वाले मुसलमानों को दो वक़्त के खाने के बीच ज़्यादा समय इंतज़ार करना पड़ेगा.

क्यों रखा जाता है रोज़ा?

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रमज़ान के दौरान रोज़ा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो ये बताते हैं कि अपना जीवन कैसे बिताना चाहिए. रोज़ा आत्मिक चिंतन को बढ़ावा देने के लिए रखा जाता है. मुसलमान सुबह सूर्योदय से पहले एक बार खाना खाते हैं, जिसे सुहूर या सहरी कहा जाता है. सूर्यास्त तक दिन भर वे कुछ भी खाते या पीते नहीं है- यहां तक कि पानी भी नहीं. शाम को रोज़ा खोलने के लिए वे जो भोजन करते हैं, उसे इफ़्तार या फ़ितूर कहा जाता है. 

किन लोगों को रोज़ा न रखने की छूट?

इस्लाम सेहत को सख़्त नियमों से ऊपर रखता है, इसलिए कुछ लोगों को रोज़ा रखने से छूट दी गई है- जैसे कि ऐसे बच्चे जो अभी बालिग़ नहीं हुए हैं, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं, जिन महिलाओं को माहवारी हो रही हो, बीमार लोग या वे जिनकी सेहत पर रोज़ा असर डाल सकता है, और वे लोग जो सफ़र कर रहे हों.

MORE NEWS

Home > धर्म > Ramadan 2026: इस साल रमजान में सबसे लंबे और छोटे रोज़े कहां रखे जाएंगे? जानें भारत में कब से शुरू होगा पाक महीना

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: February 17, 2026 12:39:13 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS