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Rang Panchami 2026: रंग पंचमी को क्यों कहा जाता है ‘देवताओं की होली’, शुभ रंंग के साथ जानें त्योहार का महत्व

Rang Panchami 2026: होली के 5वें दिन रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, जिसे 'देव होली' या 'देव पंचमी' के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिंक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन देवता धरती पर आते हैं और रंग खेलते हैं.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: March 7, 2026 13:58:52 IST

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Rang Panchami 2026: चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि यानी होली के 5वें दिन  रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, जिसे ‘देव होली’ या ‘देव पंचमी’ के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिंक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन देवता धरती पर आते हैं और रंग खेलते हैं. इसलिए इस दिन को देवताओं की होली कहा जाता है. इस त्योहार पर आसमान की तरफ गुलाल उड़ाने और होली खेलने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. यह पर्व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और जीवन में सकारात्मकता, प्रेम, और खुशी फैलाने के लिए मनाया जाता है

रंग पंचमी 2026 कब है (Rang Panchami 2026 Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल पंचमी तिथि आज 07 मार्च शनिवार के दिन शाम 7 बजकर 20 मिनट से शुरू हो रही है, जो अगले दिन 08 मार्च के दिन देर रात 9 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी. उद्य तिथि के अनुसार रंग पंचमी का त्योहार 8 मार्च के दिन मनाया जाएगा

क्यों मनाई जाती  रंग पंचमी है (Rang Panchami Kyu Manai Jati Hai)

रंग पंचमी का त्योहार भगवान श्री कृष्ण द्वारा राधा रानी के साथ गुलाल की होली खेलने के उपलक्ष्य में पूरे देशभर में मनाया जाता है. इस त्योहार पर देश के बड़े-बड़े के विभिन्न मन्दिरों में रंगोत्सव का विषेश आयोजन होता है और झांकियां निकाली जाती है. इसके अलावा जगह-जगह पर अनेक प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं. लोग आसमान की तरफ गुलाल उड़ाते है और सड़कों पर होली खेलते हुए हुरियारों का समूह निकलता है. रंग पंचमी का त्योहार मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, ब्रज और महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है.

रंग पंचमी का शुभ रंग 

रंग पंचमी के दिन यदि भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को शुभ रंग से जुड़े गुलाल अर्पित किए जाएं तो उनकी कृपा भक्तो पर बरसती है और आशीर्वाद प्राप्त होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार रंग पंचमी पर देवी-देवताओं के लिए लाल और गुलाबी रंग के गुलाल को शुभ माना जाता है. इन्हें आप पूजा में भी भगवान को अर्पित कर सकते हैं. 

रंग पंचमी का महत्व (Rang Panchami Ka Mahatva)

भगवान कृष्ण की नगरी ब्रज में होली के पर्व का समापन रंग पंचमी के दिन होता है. मान्यता है कि इस दिन समस्त देवी-देवता होली खेलने पृथ्वीलोक पर आते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं. देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से भक्त भी दिन आसमान की ओर रंग-गुलाल उड़ाते हैं. इस दिन राधा-कृष्ण को गुलाल जरूर लगाना चाहिए, ऐसे करने से जीवन के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं, जीवन में तरक्की के अवसर मिलते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: March 7, 2026 13:58:52 IST

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Rang Panchami 2026: चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि यानी होली के 5वें दिन  रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, जिसे ‘देव होली’ या ‘देव पंचमी’ के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिंक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन देवता धरती पर आते हैं और रंग खेलते हैं. इसलिए इस दिन को देवताओं की होली कहा जाता है. इस त्योहार पर आसमान की तरफ गुलाल उड़ाने और होली खेलने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. यह पर्व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और जीवन में सकारात्मकता, प्रेम, और खुशी फैलाने के लिए मनाया जाता है

रंग पंचमी 2026 कब है (Rang Panchami 2026 Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल पंचमी तिथि आज 07 मार्च शनिवार के दिन शाम 7 बजकर 20 मिनट से शुरू हो रही है, जो अगले दिन 08 मार्च के दिन देर रात 9 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी. उद्य तिथि के अनुसार रंग पंचमी का त्योहार 8 मार्च के दिन मनाया जाएगा

क्यों मनाई जाती  रंग पंचमी है (Rang Panchami Kyu Manai Jati Hai)

रंग पंचमी का त्योहार भगवान श्री कृष्ण द्वारा राधा रानी के साथ गुलाल की होली खेलने के उपलक्ष्य में पूरे देशभर में मनाया जाता है. इस त्योहार पर देश के बड़े-बड़े के विभिन्न मन्दिरों में रंगोत्सव का विषेश आयोजन होता है और झांकियां निकाली जाती है. इसके अलावा जगह-जगह पर अनेक प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं. लोग आसमान की तरफ गुलाल उड़ाते है और सड़कों पर होली खेलते हुए हुरियारों का समूह निकलता है. रंग पंचमी का त्योहार मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, ब्रज और महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है.

रंग पंचमी का शुभ रंग 

रंग पंचमी के दिन यदि भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को शुभ रंग से जुड़े गुलाल अर्पित किए जाएं तो उनकी कृपा भक्तो पर बरसती है और आशीर्वाद प्राप्त होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार रंग पंचमी पर देवी-देवताओं के लिए लाल और गुलाबी रंग के गुलाल को शुभ माना जाता है. इन्हें आप पूजा में भी भगवान को अर्पित कर सकते हैं. 

रंग पंचमी का महत्व (Rang Panchami Ka Mahatva)

भगवान कृष्ण की नगरी ब्रज में होली के पर्व का समापन रंग पंचमी के दिन होता है. मान्यता है कि इस दिन समस्त देवी-देवता होली खेलने पृथ्वीलोक पर आते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं. देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से भक्त भी दिन आसमान की ओर रंग-गुलाल उड़ाते हैं. इस दिन राधा-कृष्ण को गुलाल जरूर लगाना चाहिए, ऐसे करने से जीवन के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं, जीवन में तरक्की के अवसर मिलते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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