क्या सच में रावण के दस सिर थे?
हर सिर का अलग अर्थ
1. काम – वासनाओं का असंयम
2. क्रोध – बिना सोचे-समझे गुस्से में आना
3. लोभ – असीम इच्छाओं और लालच का प्रभाव
4. मोह – भौतिक वस्तुओं और मोह के जाल में फंसना
5. मद – अहंकार और घमंड
6. मत्सर – दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करना
7. वासना – अनैतिक इच्छाओं का दमन न करना
8. भ्रष्टाचार – सत्य और नैतिकता से दूर रहना
9. अनैतिकता – धर्म और नैतिकता का उल्लंघन
10. अहंकार – ईश्वर और समाज के प्रति गर्व और आत्ममोह
इस प्रकार रावण के दस सिर हमें अपनी मनोवृत्तियों और बुराइयों पर नियंत्रण रखने का संदेश देते हैं.