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साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? जानिए भारत में दिखेगा या नहीं, सूतक काल के नियम और इसका धार्मिक-वैज्ञानिक महत्व

Solar Eclipse 2026: साल 2026 खगोलीय  घटनाओं के लिहाज से काफी खास रहने वाला है, होली के आसपास लगे चंद्र ग्रहण के बाद अब लोगों की नजर 'अगले सूर्य ग्रहण' पर टिकी हुई है. खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए लोग पहले से ही इसकी तारीख, समय के बारे में जानना चाहते हैं.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 8, 2026 16:01:24 IST

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Solar Eclipse 2026: साल 2026 में एक और बड़ा खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा.अगस्त में  साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण रात ‘9:04 बजे से शुरू होकर आधी रात तक’ रहेगा. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. यह खास खगोलीय घटना यूरोप, कनाडा, रूस और कुछ अन्य देशों में देखी जा सकेगी. 

ज्योतिषीय गणना के अनुसार ‘2026 का अगला सूर्य ग्रहण अगस्त महीने में लगेगा’. यह ग्रहण ’12 अगस्त 2026′ को होगा. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत के समय के अनुसार रात के समय पड़ेगा, इसलिए भारत में इसे देख पाना संभव नहीं होगा. इसी कारण इस ग्रहण का ‘सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं माना जाएगा”.

कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?

खगोलीय गणनाओं के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण ‘रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर आधी रात तक’ रहेगा. क्योंकि ग्रहण का समय भारत में रात का है और सूर्य उस समय दिखाई नहीं देता, इसलिए यहां इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखा जाएगा.

 किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण?

यह सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. खासतौर पर यूरोप, रूस, कनाडा, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, आर्कटिक क्षेत्र, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में यह स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य ग्रहण ‘कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र’ में लगेगा. साथ ही यह साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी माना जा रहा है.

 साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब होगा?

साल 2026 में अगस्त महीने में ही एक और बड़ा खगोलीय घटना होने वाली है. ’28 अगस्त 2026′ को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा.यह चंद्र ग्रहण भारत के समय के अनुसार ‘सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर दोपहर 11 बजकर 22 मिनट तक” रहेगा. लेकिन यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां प्रभावी नहीं माना जाएगा.यह चंद्र ग्रहण ”कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र” में पड़ेगा. इसे अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, इराक, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों में देखा जा सकेगा.

 ग्रहण का महत्व

सूर्य और चंद्र ग्रहण को खगोल विज्ञान की दृष्टि से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना माना जाता है. वहीं धार्मिक मान्यताओं में भी ग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है. जब ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई देता है, तब वहां सूतक काल और अन्य धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है.हालांकि जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सामान्य तौर पर इन नियमों को लागू नहीं माना जाता.इस तरह साल 2026 में अगस्त का महीना खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास रहने वाला है, जब एक के बाद एक सूर्य और चंद्र ग्रहण देखने को मिलेंगे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 8, 2026 16:01:24 IST

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Solar Eclipse 2026: साल 2026 में एक और बड़ा खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा.अगस्त में  साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण रात ‘9:04 बजे से शुरू होकर आधी रात तक’ रहेगा. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. यह खास खगोलीय घटना यूरोप, कनाडा, रूस और कुछ अन्य देशों में देखी जा सकेगी. 

ज्योतिषीय गणना के अनुसार ‘2026 का अगला सूर्य ग्रहण अगस्त महीने में लगेगा’. यह ग्रहण ’12 अगस्त 2026′ को होगा. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत के समय के अनुसार रात के समय पड़ेगा, इसलिए भारत में इसे देख पाना संभव नहीं होगा. इसी कारण इस ग्रहण का ‘सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं माना जाएगा”.

कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?

खगोलीय गणनाओं के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण ‘रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर आधी रात तक’ रहेगा. क्योंकि ग्रहण का समय भारत में रात का है और सूर्य उस समय दिखाई नहीं देता, इसलिए यहां इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखा जाएगा.

 किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण?

यह सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. खासतौर पर यूरोप, रूस, कनाडा, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, आर्कटिक क्षेत्र, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में यह स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य ग्रहण ‘कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र’ में लगेगा. साथ ही यह साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी माना जा रहा है.

 साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब होगा?

साल 2026 में अगस्त महीने में ही एक और बड़ा खगोलीय घटना होने वाली है. ’28 अगस्त 2026′ को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा.यह चंद्र ग्रहण भारत के समय के अनुसार ‘सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर दोपहर 11 बजकर 22 मिनट तक” रहेगा. लेकिन यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां प्रभावी नहीं माना जाएगा.यह चंद्र ग्रहण ”कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र” में पड़ेगा. इसे अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, इराक, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों में देखा जा सकेगा.

 ग्रहण का महत्व

सूर्य और चंद्र ग्रहण को खगोल विज्ञान की दृष्टि से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना माना जाता है. वहीं धार्मिक मान्यताओं में भी ग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है. जब ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई देता है, तब वहां सूतक काल और अन्य धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है.हालांकि जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सामान्य तौर पर इन नियमों को लागू नहीं माना जाता.इस तरह साल 2026 में अगस्त का महीना खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास रहने वाला है, जब एक के बाद एक सूर्य और चंद्र ग्रहण देखने को मिलेंगे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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