Shivalinga At Home: यह सवाल बार-बार उठता है कि क्या घर पर शिवलिंग घर सकते हैं? आमतौर पर इसके साथ लोगों के मन में डर, चिंता जुड़ी होती हैं. कुछ लोगों का इसके बारे में जवाब हां तो कुछ लोग इसके बारे में ना कहते हैं. लेकिन, सच्चाई सरल है हां. आप घर में शिवलिंग रख सकते हैं. लेकिन, केवल तभी जब यह समझ के साथ किया जाए नकल के साथ नहीं.
शिवलिंग एक शोपीस नहीं है बल्कि एक एनर्जी का स्त्रोत है. घर में यह शांत संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है. जब लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो आमतौर पर यह इसलिए नहीं होता है कि उन्होंने शिवलिंग रखा है, बल्कि इसलिए कि उन्होंने इसे इसकी प्रकृति का सम्मान किए बिना रखा है.
घर में शिवलिंग रखने का मतलब
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद पांडेय के अनुसार, भगवान शिव को ऊर्जा का परम स्त्रोत माना जाता है. शिवलिंग से हर वक्त ऊर्जा निकलती रहती है. उनकी पूजा के लिए प्रतिदिन जल से अभिषेक होना जरूरी है. यह केवल मंदिरों में होता है और घर में हम इसकी पूजा उस तरह से नहीं कर पाते इसलिए घर में परेशानियां होने लगती हैं. साइज़ लोगों की सोच से ज़्यादा मायने रखता है. अगर आप घर में शिवलिंग रख रहे हैं, तो उसका साइज़ आपके दाहिने अंगूठे के पहले हिस्से से भी छोटा होना चाहिए. यह कोई अंधविश्वास नहीं है. बड़े शिवलिंग उन मंदिरों के लिए होते हैं जहां रोज अभिषेक और सख्त रूटीन हो सके. घर अनियमित शेड्यूल पर चलते हैं.
बड़े शिवलिंग से परेशानी
जब लोग बिना डिसिप्लिन के घर में बड़े शिवलिंग रखते हैं, तो इम्बैलेंस शुरू हो जाता है. इसका असर तुरंत नहीं बल्कि धीरे-धीरे होता है. घर में सिर्फ़ एक शिव लिंग रखना चाहिए. शिव एकता के प्रतीक हैं. कई शिवलिंग घर में बेचैनी पैदा करते हैं. यह भक्ति के लेवल के बारे में नहीं है. यह एनर्जी की क्लैरिटी के बारे में है. एक शिवलिंग की सच्चे दिल से पूजा की जाए तो यह आपके घर के लिए काफी है. शिव घर में कभी अकेले नहीं होते हैं. शिवलिंग को घर में कभी अकेला नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा मां पार्वती और भगवान गणेश के साथ रखना चाहिए. साथ में वे कंप्लीटनेस दिखाते हैं. घर की परंपरा में शिव हमेशा परिवार के साथ होते हैं.
घर में शिवलिंग कहां रखें?
जगह के लिए मुश्किल हिसाब-किताब की जरूरत नहीं है. सबसे अच्छी जगह घर का उत्तर-पूर्व (ईशान) कोना माना जाता है. अगर यह मुमकिन नहीं है, तो पूरब या उत्तर की ओर मुंह करके एक साफ पूजा शेल्फ या मंदिर इसके लिए ठीक रहता है. शिवलिंग को बेडरूम में सीढ़ियों के नीचे या बाथरूम के पास रखने से बचना चाहिए. इसे सीधे फर्श पर नहीं बल्कि शांत ऊंचाई पर रखना चाहिए. जगह को साफ रखना चाहिए.
प्राण प्रतिष्ठा के बारे में
अगर आप नर्मदेश्वर को अपने घर पर लाते हैं या कोई अन्य शिवलिंग को घर लाते हैं तो उनकी प्राण प्रतिष्ठा करवाना जरूरी नहीं है. क्योंकि, शास्त्रों में कहा गया है कि कण-कण में शंकर का वास होता है. वे स्वप्रतिष्ठित हैं उन्हें प्रतिष्ठा की जरूरत नहीं है. हां, जब शिवलिंग का आकार बड़ा हो और किसी देवालय में विराजमान कराना हो तो फिर इस कंडीशन में उनकी बाकायदा मंत्रों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की जाती है. मंदिर में उनकी रोजाना नियमानुसार पध्दति से पूजा होती है. अपने घर शिवलिंग पर रोज जल से अभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करना चाहिए. साथ ही
स्फटिक (क्रिस्टल), चांदी, पारे के शिवलिंग घर पर रखना अच्छा होता है. रुद्राक्ष शिवलिंग उन लोगों के लिए सही है जो मेडिटेशन या चुपचाप पूजा करना पसंद करते हैं. वे जमीन से जुड़े और सुरक्षा देने वाले होते हैं. किसी बड़े रिवाज की जरूरत नहीं है. बस सम्मान और सफाई की जरूरत है. रोज शिवलिंग की चंदन, अक्षत, कुमकुम से पूजा करनी चाहिए. आक के फूल भगवान शिव को प्रिय हैं.