Solar Eclipse 2027: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए साल 2026 बेहद खास है. इस साल सूर्य और चंद्र को मिलाकर कुल 4 ग्रहण थे. दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण. इसमें एक सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लग चुके हैं और 2 अभी बांकी हैं. जब भी कोई ग्रहण होता है तो आमतौर पर सूतक काल और दिखेगा या नहीं, इसी बात पर चर्चा होती है. लेकिन, आजकल 2027 में लगने वाले एक सूर्य ग्रहण की खूब चर्चा हो रही है. बता दें कि, यह सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि के कारण खास चर्चा में है और इसे सदी का ग्रहण कहा जा रहा है. इसी वजह से इस सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है. अब सवाल है कि, साल 2027 में कितने ग्रहण लगेंगे? सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कब-कब लगेगा? सदी के दूसरे ग्रहण का भारत में क्या प्रभाव होगा? सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है? सूर्य ग्रहण में सूतक काल क्या होता है? इस सवालों के बारे में India News को बता रहे हैं प्रतापविहार गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
साल 2027 में कितने ग्रहण लगेंगे?
वर्ष 2027 में कुल 4 ग्रहण लगने की संभावना है, जिसमें 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे. इनमें सबसे महत्वपूर्ण 2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जो सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक होगा. यह लगभग 6 मिनट से अधिक समय तक रहेगा.
2027 का सूर्य ग्रहण खास क्यों?
बता दें कि, 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है. इसकी पूर्ण अवधि करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रह सकती है, जो इसे असाधारण बनाती है. यह सूर्य ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. लेकिन, यहां ज्यादातर जगहों पर ये आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में ही नजर आ जाएगा. इस ग्रहण के दौरान कई जगहों पर दिन में ही अंधेरा छा सकता है. ऐसा तब होता है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेता है. इस समय आसमान में चारों तरफ सूर्यास्त जैसा अनोखा दृश्य दिखाई देता है.
21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कब लगा?
खगोलीय विज्ञान के अनुसार, 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2009 को लगा था. इस दौरान धरती के कुछ हिस्सों में 6 मिनट 39 सेकंड के लिए दिन में ही घना अंधेरा छा गया था. इसकी चर्चा सूर्य ग्रहण लगने से पहले से बाद तक रही.
2027 का सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा?
11 देशों में ये पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा. इन देशों में ज्यादातर नॉर्थ अफ्रीका और मिडल ईस्ट के देश शामिल हैं. पूर्ण सूर्य ग्रहण स्पेन, ट्यूनिशिया, लिब्या, साउदी अरब, येमेन, जिब्राल्टर, अलजीरिया, मोरक्को, सुडान, मिस्त्र और सोमालिया से दिखेगा तो वहीं आंशिक सूर्य ग्रहण अफ्रीका, यूरोप और दक्षिणी एशिया से नजर आएगा.
सदी का ग्रहण क्यों कहा जा रहा है?
इतनी लंबी अवधि वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत कम देखने को मिलता है. वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग कई वर्षों बाद बनता है, इसलिए इसे सदी का ग्रहण कहा जा रहा है. 2027 के इस खास सूर्य ग्रहण के दौरान एक दिलचस्प खगोलीय स्थिति बनेगी. उस समय चंद्रमा पृथ्वी के काफी करीब होगा, जबकि सूर्य पृथ्वी से अपेक्षाकृत थोड़ी ज्यादा दूरी पर रहेगा. इसी वजह से चंद्रमा का आकार आकाश में बड़ा दिखाई देगा और वह सूर्य को पूरी तरह ढक सकेगा. इस कारण बनने वाली छाया भूमध्य रेखा के आसपास लंबी दूरी तक फैलती हुई आगे बढ़ेगी. नतीजतन, जिन इलाकों में यह पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा, वहां लगभग 6 मिनटों के लिए दिन में ही गहरा अंधेरा छा जाएगा. इस दौरान आसमान का नजारा बेहद अनोखा होगा. चारों ओर 360 डिग्री में सूर्यास्त जैसा दृश्य दिखाई देगा, मानो क्षितिज के हर दिशा में एक साथ सूरज ढल रहा हो. यह दुर्लभ और रोमांचक अनुभव बहुत कम ही देखने को मिलता है, इसलिए इसे खास माना जा रहा है.
2026 के सूर्य-चंद्र ग्रहण कब-कब लगेंगे?
2026 में लगने वाला प्रमुख सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह तक रहेगा. यह खगोलीय घटना महत्वपूर्ण तो है, लेकिन भारत में इसका सीधा दृश्य देखने को नहीं मिलेगा. वहीं, दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त की दरमियानी रात को लगेगा.