Puja Ghanti Benefit: सनातन धर्म में मंदिर में पूजा-अर्चना का एक अहम हिस्सा है ‘घंटी बजाना’. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. ना केवल पूजा के दौरान, बल्कि मंदिर में कदम रखते ही घंटी बजाने का नियम भी है. ऐसा माना जाता है कि घंटी की ध्वनि न केवल वातावरण को पवित्र बनाती है, बल्कि देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जगाने का काम भी करती है. आइए जानते हैं इसके धार्मिक और वैज्ञानिक कारण.
माना जाता है कि देवी-देवताओं को ‘घंटी और शंख की आवाज’ बहुत प्रिय है. मंदिर में प्रवेश से पहले घंटी बजाने से मूर्तियों में आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है. इसके अलावा, भक्त के शरीर और मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इसीलिए मंदिर में घंटी बजाने से वातावरण पवित्र बन जाता है.स्कंद पुराण में उल्लेख है कि घंटी की आवाज़ ‘ॐ’ के उच्चारण के समान होती है. इसे बजाने से साधक को वैसा ही पुण्य और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है जैसे ‘ॐ’ का उच्चारण करने से मिलता है.
वैज्ञानिक कारण
विज्ञान के नजरिए से देखा जाए तो, मंदिर में घंटी बजाने से तेज ध्वनि कंपन उत्पन्न होते हैं. इस कंपन से आसपास के जीवाणु और विषाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे मंदिर और उसके आस-पास का वातावरण शुद्ध और स्वच्छ बन जाता है. साथ ही, नकारात्मक ऊर्जा भी खत्म हो जाती है.
घंटी बजाने के लाभ
- घंटी की ध्वनि शरीर के सात चक्रों को एक्टिव करती है.
- यह मानसिक और भावनात्मक संतुलन लाने में मदद करती है. बुरी और नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाती है.
- मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखती है.
इसलिए, जब भी आप मंदिर जाएं, केवल पूजा के लिए नहीं बल्कि घंटी बजाकर वातावरण और आत्मा दोनों को शुद्ध करने के लिए इसे जरूर बजाए.