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Home > धर्म > अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा क्यों मानी जाती है सबसे शुभ? जानिए तारीख, महत्व और सही विधि वरना रह जाएंगे अधूरे फल

अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजा क्यों मानी जाती है सबसे शुभ? जानिए तारीख, महत्व और सही विधि वरना रह जाएंगे अधूरे फल

Tulsi Puja on Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के त्योहार का बहुत अधिक महत्व है. यह त्योहार हर साल वैशाख महीने की तृतीया तिथि (तीसरे दिन) को मनाया जाता है. इस साल, यह त्योहार 19 अप्रैल को पड़ रहा है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 10, 2026 13:27:46 IST

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Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है. यह हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. साल 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को पड़ेगा. इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे अत्यंत फलदायी माना गया है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:45 बजे से होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7:49 बजे तक रहेगा. उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 19 अप्रैल को ही मनाया जाएगा.

क्यों खास है अक्षय तृतीया का दिन

अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती. इस दिन सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और माता लक्ष्मी तथा भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य कई गुना बढ़कर फल देता है.

तुलसी पूजन का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा बेहद पवित्र माना जाता है. इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को भी तुलसी अत्यंत प्रिय है. ऐसे में अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
कहा जाता है कि इस दिन तुलसी पूजन करने से न केवल आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं, बल्कि घर में खुशहाली और शांति भी बनी रहती है.

अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजन की विधि

  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा का संकल्प लें.
  • तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और रोली, चंदन, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें.
  • इसके बाद श्रद्धा भाव से तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें.
  • अंत में आरती कर प्रसाद अर्पित करें.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 10, 2026 13:27:46 IST

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Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है. यह हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. साल 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को पड़ेगा. इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे अत्यंत फलदायी माना गया है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:45 बजे से होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7:49 बजे तक रहेगा. उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 19 अप्रैल को ही मनाया जाएगा.

क्यों खास है अक्षय तृतीया का दिन

अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती. इस दिन सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और माता लक्ष्मी तथा भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य कई गुना बढ़कर फल देता है.

तुलसी पूजन का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा बेहद पवित्र माना जाता है. इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को भी तुलसी अत्यंत प्रिय है. ऐसे में अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
कहा जाता है कि इस दिन तुलसी पूजन करने से न केवल आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं, बल्कि घर में खुशहाली और शांति भी बनी रहती है.

अक्षय तृतीया पर तुलसी पूजन की विधि

  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा का संकल्प लें.
  • तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और रोली, चंदन, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें.
  • इसके बाद श्रद्धा भाव से तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें.
  • अंत में आरती कर प्रसाद अर्पित करें.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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