Tulsi Visarjan Vastu Niyam: हिंदू धर्म में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि देवी मां का रूप माना जाता है. इसे भगवान विष्णु की अति प्रिय मान्यता भी है, इसलिए तुलसी के साथ किसी भी तरह की अनादर वाली हरकत अशुभ मानी जाती है. जब तुलसी का पौधा सूख जाता है, तो कई लोग उसे सामान्य कचरे की तरह फेंक देते हैं. लेकिन यह सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर हो सकती है और पूजा के पूरे लाभ भी नहीं मिल पाते.
आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार सूखी तुलसी से जुड़ी कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए और इसे सही तरीके से कैसे विसर्जित करना चाहिए.
सूखी तुलसी के साथ की जाने वाली गलतियां
1. कूड़े में फेंकना
सूखी तुलसी को सामान्य कचरे की तरह डस्टबिन में डालना बिल्कुल भी सही नहीं है. यह वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है.
2. रास्ते पर फेंकना या रौंदना
तुलसी को सड़क पर फेंकना या उसके ऊपर चलना भी गलत है. इससे घर की शांति और समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
3. जलाना
तुलसी की सूखी डंडी या पत्तियों को जलाना भी उचित नहीं माना जाता. इससे भी अशुभ प्रभाव बनते हैं.
सूखी तुलसी को सही तरीके से विसर्जित करने का तरीका
जब तुलसी सूख जाए, तो इसे विसर्जित करने से पहले कुछ बातें ध्यान में रखें
- शुद्धता बनाए रखें.
- सम्मान की भावना रखें
- साफ कपड़े या कागज़ में लपेटें
- गंगा, नदी, तालाब या बहते पानी में विसर्जित करें
- मन में धन्यवाद दें और मंत्र का जाप करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूखी तुलसी का विसर्जन निम्न दिनों में शुभ होता है - गुरुवार
- एकादशी
- पूर्णिमा
- अमावस्या