Varuthini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में हर महीने दो एकादशी व्रत आते हैं, इस तरह पूरे साल में कुल 24 या कभी-कभी 26 एकादशियां पड़ती हैं. हालांकि सभी एकादशियों का अपना महत्व है, लेकिन वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली वरुथिनी एकादशी को विशेष रूप से शुभ और प्रभावशाली माना जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला भी माना गया है.
साल 2026 में वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी. एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल की रात 01:16 बजे से होगी और यह 14 अप्रैल की रात 01:08 बजे तक रहेगी. व्रत का पारण 14 अप्रैल को सुबह 06:54 बजे से 08:31 बजे के बीच करना शुभ रहेगा.
वरुथिनी एकादशी की पूजा विधि
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें. फिर श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें. पूजा के दौरान फूल, फल, मिठाई और वस्त्र अर्पित करें तथा मंत्रों का जाप करें. इसके बाद एकादशी व्रत कथा सुनें और अंत में आरती कर पूजा को पूर्ण करें.
वरुथिनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत जीवन के दुखों और कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है. कहा जाता है कि इस व्रत का पालन करने से सूर्य ग्रहण के समय सोना दान करने जितना पुण्य प्राप्त होता है. शास्त्रों में अन्नदान को अत्यंत श्रेष्ठ बताया गया है, लेकिन वरुथिनी एकादशी का व्रत उससे भी अधिक फल देने वाला माना जाता है.
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