Vasant Panchami 2026: वसंत पंचमी को बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है. इस दिन लोग ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा करते हैं. इसी दिन बच्चों की विद्या आरंभ करने को भी शुभ माना जाता है.
वसंत पंचमी विवाह के साथ-साथ गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई, नया काम शुरू करना, वाहन या संपत्ति खरीदना आदि के लिए भी शुभ दिन माना जाता है. इस दिन शादी करने वाले दंपत्तियों के लिए पूरे दिन में कभी भी विवाह की रस्में की जा सकती हैं.
वसंत पंचमी विवाह के लिए शुभ क्यों?
ज्योतिषाचार्य अनुसार, वसंत पंचमी के दिन पूरे दिन शुभ समय माना जाता है. इसे अबुझ मुहूर्त कहा जाता है.अबुझ मुहर्त का मतलब है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखकर शुभ समय खोजने की जरूरत नहीं होती. आप इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी शादी या अन्य शुभ कार्य कर सकते हैं.
कामदेव और रति का भी संबंध
वसंत पंचमी को कामदेव और रति से भी जोड़ा जाता है. इस दिन कामदेव की पूजा की जाती है.कहा जाता है कि कामदेव और रति की कृपा से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सुख बना रहता है.मिथक के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन कामदेव और रति ने इंसानों के दिलों में प्रेम और आकर्षण की भावना जगाई थी. इसलिए वसंत पंचमी पर विवाह करने वाले दंपत्ति का वैवाहिक जीवन प्रेमपूर्ण और सुखद माना जाता है.
इस दिन शादी कभी भी की जा सकती है
वसंत पंचमी पर पूरे 24 घंटे शुभ समय माना जाता है. इसलिए आप चाहें तो दिन में या रात में भी शादी कर सकते हैं.आजकल रात में शादी करना भी आम है, इसलिए वसंत पंचमी पर शादी के समय की कोई पाबंदी नहीं है.
वसंत पंचमी 2026 पर शादी क्यों नहीं होगी शुभ?
इस साल वसंत पंचमी के बावजूद शादी करना शुभ नहीं माना गया है. इसका मुख्य कारण है -शुक्र ग्रह का अस्त होना.
शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 से 1 फरवरी 2026 तक अस्त रहा. ज्योतिष में शुक्र को वैवाहिक सुख, प्रेम और भौतिक सुखों का ग्रह माना जाता है.
अगर वसंत पंचमी पर शुक्र अस्त की स्थिति में शादी की जाए, तो वैवाहिक जीवन सुखद नहीं रहता. इसलिए इस साल वसंत पंचमी पर विवाह और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है.