Shree Ram Yantra kya: अयोध्या का दिव्य और अद्भु श्रीराम मंदिर एक बार फिर चर्चा में है. वजह... मंदिर के मंदिर के दूसरे तल पर 'श्री राम यंत्र' की स्थापना होना. इस श्रीराम यंत्र का तेज ऐसा था कि किसी की भी आंखें चौंधिया जाएं. अब सवाल है कि आखिर श्रीराम यंत्र क्या है? किस चीज से बना है श्रीराम यंत्र? क्या है इसकी खासियत? घर में रखने से क्या होगा? आइए जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल-
जानिए, श्रीराम यंत्र क्या है? घर में स्थापित करने से क्या होगा.
Shree Ram Yantra kya: अयोध्या का दिव्य और अद्भु श्रीराम मंदिर एक बार फिर चर्चा में है. वजह… मंदिर के मंदिर के दूसरे तल पर ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना होना. बता दें कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूरे विधि-विधान से ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की. इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने मंत्रोच्चारण किया और राष्ट्रपति पूजन ने सामग्री भगवान को अर्पण की. इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण शुभ मंत्रों से गूंज उठा. यह नजारा देखने में बहुत ही अद्भुत रहा. इस श्रीराम यंत्र का तेज ऐसा था कि किसी की भी आंखें चौंधिया जाएं. अब सवाल है कि आखिर श्रीराम यंत्र क्या है? किस चीज से बना है श्रीराम यंत्र? क्या है इसकी खासियत? आइए जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल-
श्री राम यंत्र भगवान भगवान श्रीराम की दिव्य ऊर्जा और मर्यादा का प्रतीक एक पावन पवित्र तांत्रिक-वैदिक यंत्र माना जाता है. यह यंत्र धर्म, मर्यादा, सत्य और आदर्श जीवन का प्रतीक है. श्रीराम यंत्र विशेष ज्यामितीय आकृतियों, बीज मंत्रों और पवित्र रेखाओं से बना होता है, जिसे वैदिक परंपरा में किसी देवता की शक्ति को स्थिर करने के लिए स्थापित किया जाता है.
श्री राम यंत्र लिखे गए मंत्र राम नाम की शक्ति को स्थिर करती है. मान्यता है कि, राम यंत्र जहां भी होता है, वहां का वातावरण शुद्ध रहता है, क्योंकि वह स्थान पवित्र हो जाता है. इसलिए लोग इसे अपने घर पर भी स्थापित करते हैं, जिससे कि घर पर सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे.
ज्योतिष आचार्यों की मानें तो, श्रीराम यंत्र बहुत ही शक्तिशाली है. इसके जरिए प्रभु श्रीराम के साथ-साथ सभी देवताओं का आह्वान किया जाता है. लेकिन, ध्यान रखने वाली बात यह है कि, इसको स्थापित करने और हटाने के नियम होते हैं. कुल मिलाकर इस यंत्र को स्थापित करने के बाद हटाना नहीं चाहिए. ऐसा करने से घर में दोबारा नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश हो सकता है. इससे आपको कई तरह की कठिनाइयां हो सकती हैं. अगर हटाना है तो इससे जुड़े नियमों का ध्यान रखें.
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीराम यंत्र की स्थापना की. बता दें यह यंत्र अयोध्या के राम मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है. अगर खासियत की बात करें तो, श्रीराम यंत्र 150 किलोग्राम वजनी और पांच धातुओं (पंच धातुओं) से निर्मित है. यही नहीं, इस यंत्र पर 24 कैरेट सोने की परत चड़ी है. यह 3 फीट चौड़ा और 3 फीट लंबा है.
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार श्रीराम यंत्र धातु की आयताकार प्लेट है, जिसकी चौड़ाई लगभग तीन फीट और लंबाई चार फीट है. इस यंत्र पर भगवान श्रीराम सहित विभिन्न देवी-देवताओं से जुड़े मंत्र अंकित किए गए हैं. साथ ही, प्रत्येक देवता का एक-एक बीज मंत्र भी यंत्र पर लिखा हुआ है.
सूत्रों के अनुसार, श्रीराम यंत्र में एक अंतर्निहित संस्कृत प्रार्थना है जो प्रतीकात्मक रूप से भगवान राम को मंदिर में शाश्वत निवास करने के लिए आमंत्रित करती है. ठीक उसी प्रकार जैसे वे वैकुंठ में कृपा और शांति के साथ निवास करते हैं, और सभी भक्तों पर करुणा और आशीर्वाद बरसाते हैं. बता दें कि, प्रार्थना में भगवान हनुमान को भी एक संरक्षक शक्ति के रूप में आह्वान किया गया है, ताकि वे पवित्र स्थान को नकारात्मक प्रभावों से बचा सकें.
Body Shaming: मिर्जापुर की महिला IPS के साथ जो हुआ उसने इंटरनेट का कड़वा सच…
Premium Petrol Price Increased: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर भारत…
Eid Mubarak 2026 Wishes in Hindi: रमजान खत्म होते ही ईद उल फितर मनाई जाती…
OPTICAL ILLUSION: इस ब्रेन टीजर को हल करने के लिए सिर्फ अंदाजा लगाना काफी नहीं…
Sabudana kaise banta hai: साबूदाना से बनी खिचड़ी, वड़ा या खीर जैसी चीजें खासकर व्रत…
NCERT विवाद में बड़ा मोड़! अब के.के. वेणुगोपाल और जस्टिस इंदु मल्होत्रा जैसे 3 दिग्गज…