India News (इंडिया न्यूज़), Sawan 2023, दिल्ली: आपने ये तो बहुतों से सुना होगा कि सावन के महीने में दाढी बाल नहीं कटवाने चाहिए, लेकिन इसके पीछे का कारण बहुत ही कम लोगों को पता है। तो चलिए आज आपको बताते हैं कि आखिर सावन के महीने में दाढी बाल कटवाने पर क्या होता है और इसके पीछे कारण क्या है।
सावन में शिव की पूजा करने से लाख गुना अधिक फल मिलता है। सावन में शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत पूजन करने के साथ-साथ कुछ कामों को करना वर्जित होता है। जैसे कि सावन में हमें मीट मास, हरी सब्जियां, बैंगन, मछली और दूध -दही का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। सावन में शिव पूजन और रुद्राभिषेक का विशेष महत्त्व है इसलिए शिवजी का पूजन करना चाहिए। इसके अलावा कुछ और नियम भी हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। ऐसा ही एक नियम है दाढ़ी बाल न काटने का।
दरअसल माना जाता है कि सावन में कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन कामों करने से नुकसान उठाना पङ सकता है। ये बात तो आप बी जानते होंगे कि हमारे सनातन धर्म की सभी मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार है। इसलिए ऐसी ही मान्यता सावन में दाढ़ी या बाल काटने से भी जुडी हुई है। किसी भी मान्यता की शुरुआत उस समय की परिस्थितियों के अनुसार होता है। पुराने समय में दाढ़ी या बाल काटने के जिन उपकरण का इस्तेमाल होता था वह लोहे की तेज धार से बने होते थे। उस समय बिजली का साधन नहीं था, ऐसे में घाव लगने का डर होता था और बारिश के कारण इसमें मवाद और इंफेक्शन का डर रहता था। धूप कम होने की वजह से इस महीने में घाव देर से भरते हैं, इसलिए सर या चेहरे को जख्म से बचाने के लिए सावन में बाल और दाढ़ी काटने की मनाही थी।
इसके अलावा हमें सावन में कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि सावन में नाखून काटना और शरीर पर तेल मालिश करने के लिए भी मना किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रह दोष लगता है। सावन का पवित्र महीना तपस्या और भक्ति का महीना है इसलिए जीवन में विलासिता वाली चीजों से दूर रहना चाहिए। इस महीने तामसिक भोजन से दूर रहे और शिवजी को जल जरूर चढ़ाएं साथ ही घर में रुद्राभषेक करवाएं। इससे आपके सारे कष्ट और परेशानियाँ दूर होंगे।
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