LPG Crisis: देश में गैस की किल्लत को लेकर लोगों के मन में लगातार सवाल चल रहे हैं. कुछ लोग एलपीजी के बजाय खाना बनाने का अन्य माध्यम ढूंढ़ रहे हैं तो कुछ सिलेंडर को स्टोर करके घर में रख रहे हैं. वहीं, कुछ लोग रसोईं गैस की खपत को बचाने के लिए अलग-अलग कुकिंग टिप्स अपना रहे हैं. लेकिन, ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर भारत में डीजल पेट्रोल या कच्चे तेल को तो महीनों के लिए स्टोर करके रखा जाता है. इसलिए किसी तरह का संकट आने के बाद भी तेल की आपूर्ति होती है.
भारत में गैस को स्टोर करके क्यों नहीं रखा जाता है. यह सवाल इन दिनों अमूमन लोगों के मन में है. चलिए विस्तार से आपको बताते हैं ऐसा क्यों होता है.
देश में क्यों स्टोर करके नहीं रखी जाती गैस?
दरअसल, गैस को इसलिए स्टोर करके नहीं रखा जाता है क्योंकि, गैस को केवल किसी बड़े कंटेनर या किसी विशाल टैंक में भरकर नहीं रखा जा सकता है, बल्कि, गैस को स्टोर करने के लिए बहुत अधिक प्रेशर की जरूरत पड़ती है. बिना प्रेशर के अगर आप इसे स्टोर करते हैं तो संभव है कि यह कारगर नहीं होगी. इसके अलावा गैस को हमेशा एक स्थिर और बहुत कम तापमान वाली जगह पर रखा जाता है. इसलिए भारत में बहुत सारी गैस को एकसाथ स्टोर नहीं किया जाता है. गैस को एकसाथ इसलिए भी स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है क्योंकि तेल के मुकाबले गैस ज्यादा ज्वलनशील मानी जाती है. इसका रिसाव ज्यादा होता है.
बड़े टैंक में क्यों नहीं रखी जा सकती गैस?
कच्चे तेल या पेट्रोल-डीजल को इंपोर्ट करके महीनों का स्टॉक भर लेना इसलिए आसान है क्योंकि कच्चे तेल को स्टोर करने के लिए न तो बहुत ज्यादा प्रेशर की जरूरत पड़ती है और न ही इसके लिए बहुत ज्यादा या कम तापमान की जरूरत होती है. गैस के मुकाबले इसे लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से स्टोर करके रखा जा सकता है. इसके अलावा इसे बड़े टैंक और कंटेनर में भी स्टोर करके रखा सकता है. लेकिन, गैस को किसी बड़े टैंक में इसलिए स्टोर नहीं किया जा सकता है क्योंकि टैंक में गैस के हिसाब से प्रेशर और तापमान नहीं रहता है.