<
Categories: धर्म

Janmashtami 2026: रात 12 बजे ही क्यों मनाया जाता है कृष्ण जन्म? जन्माष्टमी के पीछे छिपा है बड़ा रहस्य!

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर आधी रात 12 बजे ही कृष्ण जन्म क्यों मनाया जाता है? जानिए श्रीकृष्ण के जन्म की पूरी कथा, निशीथ काल का महत्व, अंधकार में जन्म का संदेश और आधी रात की पूजा के पीछे की खास वजह.

हर साल जन्माष्टमी के दिन जैसे-जैसे आधी रात करीब आती है, देशभर के मंदिरों और घरों में उत्साह बढ़ने लगता है. कहीं भजन-कीर्तन शुरू हो जाते हैं तो कहीं भगवान कृष्ण के जन्म की तैयारियां होने लगती हैं. भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और उस खास पल का इंतजार करते हैं, जब आधी रात को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ माना जाता है. आमतौर पर ज्यादातर त्योहारों में सुबह या दिन के समय पूजा-पाठ किया जाता है, लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी की सबसे खास बात यह है कि इसका मुख्य उत्सव आधी रात को होता है. आखिर ऐसा क्यों है? इसके पीछे भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताएं हैं.

मथुरा की जेल में हुआ था भगवान कृष्ण का जन्म

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म आधी रात को क्यों माना जाता है और जन्माष्टमी पर ठीक 12 बजे ही जन्मोत्सव क्यों मनाया जाता है, इसे लेकर Hare Krsna TV पर भी विस्तार से चर्चा की गई है. 24 अगस्त 2024 को प्रकाशित एक वीडियो में इस विषय पर वक्ता प्रेमानंद विलास दास ने कृष्ण जन्म के समय और उससे जुड़े धार्मिक महत्व को समझाया है.

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में देवकी और वसुदेव के घर हुआ था. वह भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं. कृष्ण की मां देवकी के भाई कंस को एक भविष्यवाणी से पता चला था कि देवकी की आठवीं संतान ही उसकी मृत्यु का कारण बनेगी. यह सुनकर कंस डर गया और उसने देवकी और वसुदेव को जेल में कैद कर दिया.

कंस ने देवकी की एक के बाद एक संतानों को मार डाला. जब देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, तब आधी रात का समय था. बाहर तेज बारिश हो रही थी और चारों ओर अंधेरा था. मान्यता है कि कृष्ण के जन्म के समय जेल के पहरेदार गहरी नींद में सो गए और जेल के दरवाजे अपने आप खुल गए. इसके बाद वसुदेव नवजात कृष्ण को लेकर यमुना नदी पार करते हुए गोकुल पहुंचे. वहां उन्होंने कृष्ण को नंद और यशोदा के पास छोड़ दिया, जहां उनका पालन-पोषण हुआ. यही वजह है कि जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव रात 12 बजे मनाने की परंपरा चली आ रही है.

आधी रात का समय क्यों है खास?

धार्मिक मान्यताओं में रात के उस समय को निशीथ काल कहा जाता है, जब रात अपने मध्य में होती है. कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा में इस समय का विशेष महत्व माना जाता है. जन्माष्टमी की तिथि और पूजा का समय चंद्र पंचांग के आधार पर तय होता है. जब अष्टमी तिथि आधी रात के समय रहती है, तब इसी अवधि में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है.

इसी दौरान मंदिरों में विशेष पूजा और आरती होती है. भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल को स्नान कराया जाता है, नए कपड़े पहनाए जाते हैं और उन्हें झूले में विराजमान किया जाता है. इसके बाद शंख और घंटियां बजाकर कृष्ण जन्म की खुशी मनाई जाती है.

अंधेरे में जन्म का क्या है मतलब?

भगवान कृष्ण का आधी रात में जन्म होना केवल समय से जुड़ी बात नहीं माना जाता. इसके पीछे एक गहरा धार्मिक संदेश भी बताया जाता है. आधी रात का अंधेरा उस समय के डर, अत्याचार और अन्याय का प्रतीक माना जाता है. कंस के अत्याचार के बीच कृष्ण का जन्म इस बात का संदेश देता है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, अंत में प्रकाश की जीत होती है.

कृष्ण का जन्म धर्म की अधर्म पर जीत और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है. जेल जैसी जगह पर उनका जन्म यह संदेश भी देता है कि मुश्किल और बंधनों के बीच भी बदलाव की शुरुआत हो सकती है.

जन्माष्टमी पर भक्त क्यों रखते हैं व्रत?

जन्माष्टमी के दिन बड़ी संख्या में भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं. इस दौरान भगवान कृष्ण की पूजा, भजन और मंत्र जाप किया जाता है. दिनभर व्रत और पूजा के बाद भक्त रात में कृष्ण जन्म का इंतजार करते हैं. जैसे ही आधी रात होती है, मंदिरों में विशेष पूजा शुरू होती है.

लड्डू गोपाल को झूले में बैठाकर उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है. कई जगह भक्त कृष्ण के जन्म की खुशी में भजन गाते हैं, शंख बजाते हैं और आरती करते हैं. कई भक्त आधी रात को कृष्ण जन्म के बाद ही अपना व्रत खोलते हैं. इस तरह व्रत का समापन भी भगवान के जन्म के समय से जुड़ा हुआ है.

यह समय केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि उम्मीद और अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है. अंधेरी रात में कृष्ण का जन्म लोगों को यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी उम्मीद और धर्म की जीत हो सकती है. इसी विश्वास के साथ हर साल जन्माष्टमी की रात जैसे ही घड़ी में 12 बजते हैं, मंदिरों में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठते हैं और भक्त भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं.

Shivani Singh

नमस्ते, मैं हूँ शिवानी सिंह. पिछले 5 से अधिक वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हूँ. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया हाउसों में काम करने के बाद, वर्तमान में मैं 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएँ दे रही हूँ. क्रिकेट के मैदान से जुड़ी इनसाइड स्टोरीज़, मैच एनालिसिस और आंकड़ों की बारीकियों को डिकोड करना मेरी मुख्य विशेषज्ञता है. क्रिकेट के अलावा, मैं बिजनेस/फाइनेंस (मार्केट ट्रेंड्स, सरकारी योजनाएं और पर्सनल फाइनेंस), राजनीति और बॉलीवुड के ज्वलंत मुद्दों पर भी पैनी नज़र रखती हूँ. मेरा उद्देश्य हर जटिल विषय को आपके लिए आसान भाषा में प्रस्तुत करना है.

Share
Published by
Shivani Singh

Recent Posts

UP Petrol Diesel Price Today: यूपी में आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा? लखनऊ, नोएडा से गोरखपुर तक चेक करें ताजा रेट

UP Petrol Diesel Price Today: 26 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में…

Last Updated: September 26, 2026 08:39:02 IST

Petrol Diesel Price 26 September 2026: पेट्रोल और डीजल के नए कीमत का एलान, टंकी फुल कराने से पहले चेक करें अपने शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today 26 September 2026: 26 सितंबर, शनिवार को पेट्रोल और डीजल की…

Last Updated: September 26, 2026 08:18:54 IST

Aaj Ka Mausam 26 September: UP से लेकर दिल्ली तक डीप डिप्रेशन असर, 70 KMPH की स्पीड से तुफान; बारिश मचाएगी तुफान

Aaj Ka Mausam 26 September: मौसम विभाग ने दिल्ली और आस-पास के इलाकों में बारिश…

Last Updated: September 26, 2026 07:12:12 IST

Pitru Paksha 2026: श्राद्ध में सिर्फ भोजन नहीं, जल भी जरूरी…भगीरथ की कथा में छिपा है तर्पण का रहस्य

Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के साथ जल अर्पित करने की…

Last Updated: September 25, 2026 23:27:34 IST

Dehradun women case: बेटी को कॉलेज बस तक छोड़कर लौट रही थी महिला, रास्ते में कार सवारों ने घेरा, फिर जो हुआ…

Dehradun women case: देहरादून के नालापानी चौक पर बेटी को कॉलेज बस तक छोड़कर लौट…

Last Updated: September 25, 2026 23:06:42 IST