Board Exam Paper Leak Case: कर्नाटक बोर्ड (Karnataka Board) SSLC (कक्षा 10वीं) की तैयारी परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह शिक्षकों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया गया है. इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सोशल मीडिया बना पेपर लीक का जरिया
पुलिस जांच में सामने आया है कि नाबालिग छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुले तौर पर प्रश्न पत्र उपलब्ध होने के विज्ञापन पोस्ट किए थे. इन पोस्ट्स में इच्छुक छात्रों से कहा गया था कि वे निजी संदेश (DM) के जरिए संपर्क करें. इसके बाद संपर्क करने वालों को पैसे के बदले प्रश्न पत्र भेजे गए, जिनकी कीमत 200 से 500 तक और कुछ मामलों में इससे भी अधिक बताई जा रही है.
अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार हुए शिक्षक
गिरफ्तार किए गए छह शिक्षक कलबुर्गी, तुमकुरु और रामनगर जिलों से ताल्लुक रखते हैं. इनमें से एक शिक्षक हेडमास्टर के पद पर भी कार्यरत है. एचटी की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को संदेह है कि इन शिक्षकों ने अपने पद और सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग किया.
लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल होने का शक
अधिकारियों के अनुसार, कर्नाटक सेकेंडरी एजुकेशन एग्जामिनेशन बोर्ड (KSEAB) परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र स्कूलों की आधिकारिक लॉगिन आईडी पर भेजता है. इस लॉगिन तक आमतौर पर हेडमास्टर और वरिष्ठ शिक्षकों की पहुंच होती है. आशंका जताई जा रही है कि इसी एक्सेस का गलत इस्तेमाल करते हुए प्रश्न पत्र डाउनलोड किए गए और फिर आगे लीक कर दिए गए.
साइबर क्राइम पुलिस कर रही गहन जांच
यह मामला अब बेंगलुरु नॉर्थ डिवीजन साइबर क्राइम पुलिस के पास है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें कोई बड़ा संगठित नेटवर्क शामिल है, कितने छात्रों तक प्रश्न पत्र पहुंचा और क्या पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं. जांच एजेंसियां डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया चैट्स और डिवाइस डेटा की भी जांच कर रही हैं.
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
6 जनवरी को सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को चिन्हित किया गया और गिरफ्तारियां की गईं.
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
यह घटना न केवल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि उन छात्रों के भविष्य पर भी असर डालती है जो मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी.