Haryana Board News: हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं अब साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया है. यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें अपने अंकों में सुधार का बेहतर अवसर देना है.
जो छात्र फरवरी-मार्च 2026 में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे लेकिन अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 10 अप्रैल तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जारी रहेगी. छात्र अधिकतम तीन विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं, जिसके लिए प्रति विषय 1,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.
परीक्षा और परिणाम का शेड्यूल
बोर्ड के अनुसार, दूसरे चरण की परीक्षाएं संभावित रूप से 20 अप्रैल से शुरू होंगी. खास बात यह है कि पहले और दूसरे दोनों सत्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक साथ किया जाएगा. इससे परिणाम प्रक्रिया तेज होगी और उम्मीद है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन पूरा कर लिया जाएगा। परिणाम मई के पहले सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं.
बेहतर अंक होंगे अंतिम
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दोनों प्रयासों में से जो भी अंक बेहतर होंगे, वही अंतिम माने जाएंगे. इससे छात्रों को बिना अतिरिक्त दबाव के प्रदर्शन सुधारने का मौका मिलेगा और वे अपनी क्षमताओं के अनुसार बेहतर परिणाम हासिल कर सकेंगे.
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी जो मुख्य परीक्षा के दौरान किसी कारणवश जैसे बीमारी, चोट, खेल प्रतियोगिता, NCC गतिविधियां या सांस्कृतिक कार्यक्रम की वजह से शामिल नहीं हो पाए थे. ऐसे छात्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने कम से कम एक विषय की परीक्षा दी हो.
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता ट्रेंड
हरियाणा बोर्ड का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलावों के अनुरूप है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) भी इसी तरह की दो-परीक्षा प्रणाली लागू करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है, जिससे छात्रों को अधिक लचीलापन और बेहतर अवसर मिल सके.