Education Budget 2026 Content Creator Lab in Schools and Colleges: सरकार ने शिक्षा और डिजिटल स्किल्स को नई दिशा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार रचनात्मक और आत्मनिर्भर बनाना है. इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं. इन प्रस्तावों का मकसद न सिर्फ हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करना है, बल्कि युवाओं के लिए नए करियर विकल्प और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाना भी है.
आयुर्वेद को मिलेगी नई मजबूती
बजट 2026-27 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है. इससे पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी. इन संस्थानों के जरिए रिसर्च, मेडिकल एजुकेशन और मरीजों की बेहतर देखभाल को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके साथ ही, वेलनेस और योग सेवाओं को विस्तार देने के लिए करीब 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना है. इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत की वेलनेस इंडस्ट्री को भी वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है.
एलाइड हेल्थ सेक्टर में नए अवसर
स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने ऑप्टोमेट्री, एनेस्थीसिया, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ समेत 10 नए एलाइड हेल्थ डिसिप्लिन शुरू करने का प्रस्ताव किया है. सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHP) को प्रशिक्षित करना है. इससे हॉस्पिटल्स, क्लीनिक्स और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में कुशल मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सकेगा.
टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
बजट 2026-27 में नेचुरल फाइबर स्कीम, टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार योजना, और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का भी प्रस्ताव रखा गया है. इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और कारीगर समुदायों को सशक्त बनाना, लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है.
पूर्वी भारत में नया डिजाइन संस्थान
रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने भारत के पूर्वी क्षेत्र में एक नए डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा है. इससे फैशन, टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट और इंडस्ट्रियल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट को गति मिलेगी.
टियर 2 और 3 शहरों पर खास ध्यान
सरकार ICAI, ICSI और ICMAI जैसे प्रोफेशनल निकायों को शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स और प्रैक्टिकल टूल्स विकसित करने में सहायता करेगी. इसका मकसद टियर 2 और टियर 3 शहरों में कॉर्पोरेट-रेडी प्रोफेशनल्स का मजबूत पूल तैयार करना है.