CA Topper Success Story: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा घोषित CA फ़ाइनल जनवरी 2026 के परिणामों में 7,590 अभ्यर्थियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की उपाधि हासिल की. इस उपलब्धि के बीच हिमाचल प्रदेश के अनिरुद्ध गर्ग (CA Topper Anirudh Garg) ने 452 अंक (75.33%) के साथ ऑल इंडिया रैंक 2 प्राप्त कर सबका ध्यान खींचा.
रिज़ल्ट देखने के बाद भी उन्हें यकीन नहीं हुआ. उन्होंने पेज कई बार रिफ्रेश किया, क्योंकि उन्हें लगा यह कोई तकनीकी गड़बड़ी है. जब ICAI प्रेसिडेंट का कॉल आया, तब जाकर उन्हें अपनी सफलता का वास्तविक एहसास हुआ.
छोटे शहर से बड़ी उड़ान
अनिरुद्ध का घर Paonta Sahib में है, जो सिरमौर ज़िले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. उन्होंने वर्ष 2020 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से 97.75% अंकों के साथ स्कूलिंग पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से B.Com (ऑनर्स) किया. आगे चलकर उन्होंने ग्लोबल फर्म Ernst & Young में आर्टिकलशिप शुरू की. CA बनने का सपना उन्होंने क्लास 9 में ही तय कर लिया था, क्योंकि उनके पिता भी CA हैं.
रणनीति: जल्दी शुरुआत और स्मार्ट प्लानिंग
अनिरुद्ध ने सिलेबस की विशालता को समझते हुए फाइनल लेवल की तैयारी समय रहते शुरू कर दी. उनका लक्ष्य था कि स्टडी लीव से पहले सभी क्लासेस पूरी हो जाएं. पीक ऑडिट सीज़न के बावजूद उन्होंने रोज कम से कम एक क्लास पूरी करने की कोशिश की. वे लेक्चर 1.5x स्पीड पर देखते, सुबह पढ़ाई करते और ऑफिस के बाद रिवीजन करते. डेली टारगेट की बजाय उन्होंने वीकली टारगेट बनाए, जिससे लचीलापन बना रहा.
जनवरी अटेम्प्ट का दबाव और मानसिक संतुलन
जनवरी अटेम्प्ट को लेकर यह धारणा थी कि पेपर कठिन हो सकते हैं. अनिरुद्ध के अनुसार, फाइनेंशियल मैनेजमेंट का स्तर पहले से ऊंचा था. फिर भी उन्होंने परीक्षा के बाद मार्क्स कैलकुलेट नहीं किए और खुद पर भरोसा बनाए रखा. बर्नआउट से निपटने के लिए वे पढ़ाई का पैटर्न बदल देते थे. कमजोर दिनों में केवल लेक्चर देखते या पसंदीदा विषय के सवाल हल करते. उनका छोटा मित्र समूह भी मानसिक सहारा बना.
सफलता के तीन मंत्र
टीचर पर भरोसा रखें – डेमो लेक्चर देखकर सोच-समझकर चयन करें.
खुद पर विश्वास रखें – शुरुआती असमंजस के बाद आत्मविश्वास गेम-चेंजर साबित होता है.
स्टडी मटीरियल स्थिर रखें – परीक्षा के करीब बार-बार बदलाव न करें.
तैयारी में AI की भूमिका
अनिरुद्ध मानते हैं कि AI पेशेवरों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें सशक्त करेगा. उन्होंने तैयारी के दौरान ChatGPT का उपयोग कठिन और “बेवकूफी लगने वाले” सवाल पूछने के लिए किया. आज, अपनी ऐतिहासिक सफलता के बाद, वे आगे के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.