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CBSE Board Exam: सीबीएसई में अब रटने से नहीं, समझ से मिलेंगे नंबर, आसान भाषा में जानिए क्या-क्या बदला

CBSE Board Exam New Changes: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2026 बोर्ड परीक्षा में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के लिए मार्क्स सुधार, एसेंशियल रिपीट, बेहतर सप्लीमेंट्री व्यवस्था और दो-एग्जाम विकल्प दिया है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: March 2, 2026 08:18:46 IST

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CBSE Board Exam Changes: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 के बोर्ड एग्जाम के लिए कई अहम बदलावों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीलापन और निष्पक्ष अवसर देना है. अब मार्क्स सुधार के विकल्प को और स्पष्ट किया गया है, ताकि विद्यार्थी अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकें. “एसेंशियल रिपीट” नियम के तहत कुछ विषयों में न्यूनतम योग्यता अनिवार्य होगी. सप्लीमेंट्री परीक्षा को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है, जिससे साल बर्बाद न हो.

दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली छात्रों को बेहतर स्कोर चुनने का मौका दे सकती है. साथ ही, 50% कॉम्पिटेंसी-बेस्ड प्रश्न शामिल कर सीखने को रटने से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है. ये बदलाव छात्रों को भविष्य के लिए अधिक तैयार और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए “एसेंशियल रिपीट” नियम

CBSE के नियम कक्षा के अनुसार अलग हैं.

क्लास 12: यदि किसी छात्र को किसी विषय में “ज़रूरी रिपीट” दिया गया है, तो वह उसी विषय में सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकता है.

क्लास 10: अगर किसी छात्र को अधिकतम दो विषयों में “एसेंशियल रिपीट” मिला है, तो वह दूसरे बोर्ड एग्जाम में शामिल हो सकता है. लेकिन यदि दो से अधिक विषयों में यह स्थिति है, तो छात्र को अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में दोबारा बैठना होगा.

क्या CBSE प्रतिशत जारी करता है?

यह एक आम भ्रम है कि CBSE फाइनल प्रतिशत जारी करता है. बोर्ड केवल मार्कशीट-कम-पासिंग सर्टिफिकेट जारी करता है, जिसमें विषयवार अंक और ग्रेड दर्ज होते हैं. यदि किसी कॉलेज या नौकरी के लिए प्रतिशत की आवश्यकता होती है, तो संबंधित संस्थान अपने मानदंड के अनुसार उसका हिसाब लगाते हैं.

क्या क्लास 12 में भी दो बार परीक्षा का विकल्प है?

क्लास 10 की तरह क्लास 12 में पूर्ण दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली नहीं है. हालांकि, जो छात्र मुख्य परीक्षा पास कर लेते हैं, वे जुलाई में होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा के माध्यम से एक विषय में अपने अंक सुधार सकते हैं. यह छात्रों को बेहतर प्रदर्शन का दूसरा मौका देता है.

50% कॉम्पिटेंसी-बेस्ड प्रश्न: क्या बदला है?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप CBSE ने रटने की बजाय स्किल बेस्ड इवोल्यूशन पर ज़ोर दिया है. वर्ष 2025 से क्लास 10 और 12 के पेपर में 50% प्रश्न कॉम्पिटेंसी-बेस्ड हैं. इन प्रश्नों का उद्देश्य छात्रों की एप्लीकेशन, एनालिसिस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग क्षमता को परखना है, न कि केवल याद की गई जानकारी को.

नई प्रश्न टाइपोलॉजी: परीक्षा का बदला स्वरूप

CBSE ने प्रश्नों के पैटर्न में भी बदलाव किया है. अब पेपर में शामिल हैं:

ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न
MCQs
शॉर्ट आंसर प्रश्न
केस-बेस्ड/सोर्स-बेस्ड प्रश्न
कॉम्पिटेंसी-बेस्ड प्रश्न

यह संतुलित ढांचा छात्रों की क्रिटिकल थिंकिंग और वास्तविक जीवन में ज्ञान के उपयोग की क्षमता को मजबूत करता है.

CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 के बदलाव छात्रों को केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक कदम हैं. सही जानकारी और तैयारी के साथ छात्र इन परिवर्तनों का लाभ उठा सकते हैं और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

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