CTET Paper II Cancelled: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने बिहार के दो परीक्षा केंद्रों पर CTET 2026 पेपर-II को रद्द कर दिया है. बोर्ड ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की है. CBSE के अनुसार वैशाली (हाजीपुर) स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर कुछ अपरिहार्य कारणों की वजह से परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी. रद्द किए गए केंद्रों में सेंट जॉन एकेडमी, बासमती नगर (कोड 125016) और लक्ष्य इंटरनेशनल एकेडमी (कोड 125014) शामिल हैं.
CBSE ने साफ किया है कि इन दोनों केंद्रों पर परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए 15 दिनों के भीतर दोबारा CTET पेपर-II आयोजित किया जाएगा. री-एग्जाम की तारीख और अन्य विवरण संबंधित उम्मीदवारों को अलग से सूचित किए जाएंगे. बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक वेबसाइट व नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखें.
Out of 1803 examination centres for the CTET across the country, Paper – 2 has been conducted successfully at 1801 examination centes.
However, examination of Paper – 2 at 02 centres at Vaishali (Hajipur) (125016 – ST. JOHN’S ACADEMY, BASMATI NAGAR and 125014 – LAKSHYA…— CBSE HQ (@cbseindia29) February 7, 2026
देशभर में 7 और 8 फरवरी को हो रही है CTET 2026 परीक्षा
CTET 2026 का आयोजन 7 और 8 फरवरी को देश के 132 शहरों में पेन-एंड-पेपर मोड में किया जा रहा है. इस साल परीक्षा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है. कुल 25,30,581 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. खास बात यह रही कि आवेदन विंडो बंद होने से पहले अंतिम 48 घंटों में ही 7.6 लाख से अधिक आवेदन जमा किए गए.
क्या है CTET और क्यों है यह जरूरी?
सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसके जरिए यह तय किया जाता है कि कौन उम्मीदवार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के योग्य हैं. यह परीक्षा केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अन्य केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए एक अहम योग्यता मानी जाती है. CBSE साल में दो बार CTET का आयोजन करता है.
CTET परीक्षा पैटर्न की झलक
CTET में दो पेपर होते हैं:
पेपर I: कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए
पेपर II: कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए
दोनों पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, जिनमें बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और संबंधित विषय शामिल होते हैं.
केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी
CTET की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है. शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 1 नवंबर 2025 तक 10,000 से ज्यादा पद खाली हैं. इनमें 8,457 टीचिंग और 1,716 नॉन-टीचिंग पद शामिल हैं. ऐसे में CTET पास करना लाखों अभ्यर्थियों के लिए सरकारी शिक्षक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है.