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CBSE का बड़ा फैसला, अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म! तीन-भाषा फॉर्मूला लागू

CBSE 3 Langauge Formula: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2026 से नया पाठ्यक्रम लागू करेगा, जिसमें कक्षा 6 से तीन-भाषा फॉर्मूला और स्किल-बेस्ड पढ़ाई पर जोर होगा.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 4, 2026 15:53:25 IST

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CBSE 3 Langauge Formula: भारत की स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव आने वाला है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2026-27 सत्र से लागू होने वाला नया पाठ्यक्रम स्ट्रक्टर जारी कर दिया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीला और स्किल बेस्ड एजुकेशन देना है.

नई व्यवस्था के तहत कक्षा 6 से तीन-भाषा फॉर्मूला चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इसमें छात्रों को तीन भाषाएँ पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी.

कक्षा 6 से लागू होगा तीन-भाषा फॉर्मूला

इस ढांचे को R1, R2 और R3 चरणों में व्यवस्थित किया गया है, ताकि बहुभाषी शिक्षा को संतुलित और संरचित तरीके से लागू किया जा सके. इसका मकसद छात्रों को भाषाई विविधता से जोड़ना और उनकी समझ को व्यापक बनाना है. हालांकि, बोर्ड ने कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए छूट भी रखी है. जैसे, विदेश से लौटने वाले छात्रों के लिए, यदि उनकी पढ़ी गई तीसरी भाषा उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार राहत दी जा सकती है.

कक्षा 9 में मैथ्स और साइंस के लिए दो-स्तरीय सिस्टम

इस नए पाठ्यक्रम का एक और बड़ा बदलाव कक्षा 9 से देखने को मिलेगा। गणित और विज्ञान में अब दो-स्तरीय (Two-Tier) प्रणाली लागू होगी.

स्टैंडर्ड (Standard): सभी छात्रों के लिए अनिवार्य
एडवांस्ड (Advanced): इच्छुक छात्रों के लिए वैकल्पिक

सभी छात्रों को 80 अंकों की तीन घंटे की स्टैंडर्ड परीक्षा देनी होगी. वहीं, जो छात्र विषय में गहराई से सीखना चाहते हैं, वे 25 अंकों का एक अतिरिक्त एडवांस्ड पेपर चुन सकते हैं, जो उच्च स्तरीय सोच और कॉन्सेप्ट की समझ को परखेगा.

एडवांस्ड स्कोर का अलग मूल्यांकन

दिलचस्प बात यह है कि एडवांस्ड पेपर के अंक कुल प्रतिशत में नहीं जोड़े जाएंगे. इसके बजाय, 50% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को मार्कशीट में ‘Advanced Level Qualification’ के रूप में अलग से दर्शाया जाएगा. यह कदम उन छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए है, जो विषय में गहराई से बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सीखना चाहते हैं.

2028 में दिखेगा पहला बड़ा असर

यह नई प्रणाली 2026-27 में कक्षा 9 से शुरू होगी और इसका पहला प्रभाव 2028 में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं में देखने को मिलेगा. यह बदलाव शिक्षा को अधिक लचीला, बहुभाषी और कौशल-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. जहां एक तरफ भाषाई ज्ञान बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों में गहराई से सीख सकेंगे.

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Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 4, 2026 15:53:25 IST

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CBSE 3 Langauge Formula: भारत की स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव आने वाला है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2026-27 सत्र से लागू होने वाला नया पाठ्यक्रम स्ट्रक्टर जारी कर दिया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीला और स्किल बेस्ड एजुकेशन देना है.

नई व्यवस्था के तहत कक्षा 6 से तीन-भाषा फॉर्मूला चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इसमें छात्रों को तीन भाषाएँ पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी.

कक्षा 6 से लागू होगा तीन-भाषा फॉर्मूला

इस ढांचे को R1, R2 और R3 चरणों में व्यवस्थित किया गया है, ताकि बहुभाषी शिक्षा को संतुलित और संरचित तरीके से लागू किया जा सके. इसका मकसद छात्रों को भाषाई विविधता से जोड़ना और उनकी समझ को व्यापक बनाना है. हालांकि, बोर्ड ने कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए छूट भी रखी है. जैसे, विदेश से लौटने वाले छात्रों के लिए, यदि उनकी पढ़ी गई तीसरी भाषा उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार राहत दी जा सकती है.

कक्षा 9 में मैथ्स और साइंस के लिए दो-स्तरीय सिस्टम

इस नए पाठ्यक्रम का एक और बड़ा बदलाव कक्षा 9 से देखने को मिलेगा। गणित और विज्ञान में अब दो-स्तरीय (Two-Tier) प्रणाली लागू होगी.

स्टैंडर्ड (Standard): सभी छात्रों के लिए अनिवार्य
एडवांस्ड (Advanced): इच्छुक छात्रों के लिए वैकल्पिक

सभी छात्रों को 80 अंकों की तीन घंटे की स्टैंडर्ड परीक्षा देनी होगी. वहीं, जो छात्र विषय में गहराई से सीखना चाहते हैं, वे 25 अंकों का एक अतिरिक्त एडवांस्ड पेपर चुन सकते हैं, जो उच्च स्तरीय सोच और कॉन्सेप्ट की समझ को परखेगा.

एडवांस्ड स्कोर का अलग मूल्यांकन

दिलचस्प बात यह है कि एडवांस्ड पेपर के अंक कुल प्रतिशत में नहीं जोड़े जाएंगे. इसके बजाय, 50% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को मार्कशीट में ‘Advanced Level Qualification’ के रूप में अलग से दर्शाया जाएगा. यह कदम उन छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए है, जो विषय में गहराई से बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सीखना चाहते हैं.

2028 में दिखेगा पहला बड़ा असर

यह नई प्रणाली 2026-27 में कक्षा 9 से शुरू होगी और इसका पहला प्रभाव 2028 में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं में देखने को मिलेगा. यह बदलाव शिक्षा को अधिक लचीला, बहुभाषी और कौशल-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. जहां एक तरफ भाषाई ज्ञान बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों में गहराई से सीख सकेंगे.

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