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CBSE QR Code Controvery: सीबीएसई क्यूआर कोड का क्या है सच, आखिर क्यों फैली गलतफहमी? बोर्ड ने बताई हकीकत

CBSE Board QR Code Controvery: सीबीएसई बोर्ड ने एक अहम जानकारी शेयर की है. अगर आप भी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए या होने वाले हैं, तो दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें.

CBSE QR Code Controvery: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की थी, जिसमें प्रश्न पत्रों पर छपे QR कोड को लेकर बताया गया था. इसको लेकर अब फैल रही भ्रामक जानकारी पर सीबीएसई ने क्लियर जानकारी शेयर की है. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इन QR कोड्स को लेकर कई तरह की गलत व्याख्याएं सामने आईं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई.

CBSE ने साफ किया है कि प्रश्न पत्रों पर मौजूद QR कोड किसी भी प्रकार के इंटरनेट लिंक या ऑनलाइन कंटेंट से जुड़े नहीं होते. इनका उपयोग पूरी तरह से आंतरिक प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है, जैसे प्रश्न पत्रों का प्रमाणीकरण, ट्रैकिंग और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करना शामिल है. यह एक सिक्योरिटी सिस्टम का हिस्सा है, जिससे परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखा जा सके.

स्कैन करने पर होता है क्या?

बोर्ड के अनुसार जब इन QR कोड्स को स्कैन किया जाता है, तो वे किसी वेबसाइट या लिंक पर रीडायरेक्ट नहीं करते. इसके बजाय, केवल एक टेक्स्ट फॉर्मेट में जानकारी दिखाई देती है. यह टेक्स्ट तकनीकी उपयोग के लिए होता है और आम उपयोगकर्ताओं के लिए इसका कोई विशेष महत्व नहीं होता.

कैसे फैल रही है गलतफहमी?

समस्या तब उत्पन्न होती है जब लोग इस टेक्स्ट को समझने के लिए उसे गूगल जैसे सर्च इंजन पर खोजते हैं. सर्च इंजन अपने एल्गोरिदम के आधार पर ऐसे सुझाव दिखा सकता है, जिनका QR कोड या CBSE से कोई संबंध नहीं होता. इससे भ्रम और गलत जानकारी फैलने की संभावना बढ़ जाती है. खासतौर पर, कुछ मामलों में असंबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के नाम भी सामने आ जाते हैं.

CBSE की चेतावनी और अपील

CBSE ने इस तरह की गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है. बोर्ड का कहना है कि इस तरह की अफवाहें परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें.

Munna Kumar

11+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल में SEO-आधारित कंटेंट, डेटा इनसाइट्स और प्रभावी स्टोरीटेलिंग में विशेषज्ञ. रणनीति, क्रिएटिविटी और टेक्निकल स्किल्स के साथ उच्च-गुणवत्ता, आकर्षक और विश्वसनीय कंटेंट तैयार करना शामिल है. अभी इंडिया न्यूज में कार्यरत हूं. इससे पहले नेटवर्क18, जी मीडिया, दूरदर्शन आदि संस्थानों में कार्य करने का अनुभव रहा है.

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