CM Shri School Admission 2026: दिल्ली में गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) ने CM Shri Schools में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए क्लास 6, 9 और 11 के एडमिशन हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अभिभावक और छात्र 12 मार्च तक एंट्रेंस एग्जाम के लिए आवेदन कर सकते हैं.
एडमिशन के लिए पात्रता सिर्फ उन छात्रों तक सीमित है जिन्होंने 2025-26 सत्र के दौरान दिल्ली के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ाई की हो. विभागीय सर्कुलर के अनुसार, कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में कक्षा 5, 8 और 10 पूरी करने वाले छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी. शेष सीटें अन्य पात्र अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध होंगी.
कब होंगे एंट्रेंस एग्जाम?
क्लास 6 और 9 के लिए प्रवेश परीक्षा मार्च के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है, जबकि क्लास 11 की परीक्षा मई में होगी. शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि क्लास 6 और 9 के एडमिशन 30 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएं. एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख अलग से घोषित की जाएगी.
परीक्षा पैटर्न: जानिए अहम बदलाव
सभी परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव टाइप होंगी और OMR शीट पर ली जाएंगी. क्लास 6 का पेपर द्विभाषी (बाइलिंगुअल) होगा, अधिकतम 300 अंकों का और इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. वहीं क्लास 9 और 11 के पेपर केवल अंग्रेजी में होंगे, प्रत्येक 400 अंकों के होंगे और इनमें नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. विस्तृत सिलेबस और सैंपल OMR शीट विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी.
CM Shri Schools: आधुनिक सुविधाओं से लैस पहल
CM Shri Schools दिल्ली सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अपडेटेड करिकुलम और बेहतर लर्निंग एनवायरनमेंट उपलब्ध कराना है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन 17 फरवरी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने किया था. पहले चरण में 75 सरकारी स्कूलों को इस मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है.
वेबसाइट में नए फीचर्स से बढ़ी पारदर्शिता
दिल्ली सरकार ने शिक्षा विभाग की वेबसाइट को भी अपग्रेड किया है. अब इसमें डेली अटेंडेंस ट्रैकिंग, मॉक टेस्ट, क्वेश्चन बैंक और ‘फीस रिव्यू’ सेक्शन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं. नया फीस रिव्यू टैब अभिभावकों को फीस संबंधी शिकायत दर्ज करने, अपडेट ट्रैक करने और सीधे कमेटी चेयरमैन को ईमेल करने की सुविधा देता है. यह पहल न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को बेहतर सपोर्ट सिस्टम भी प्रदान करेगी.