Engineering College: अक्सर देखा जाता है कि कई IITian UPSC की परीक्षा में शामिल होकर IAS, IPS, IFS और अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में देश की सेवा करते हैं. इसी कड़ी में, IIT दिल्ली ने अपनी 65वीं वर्षगांठ पर एलुमनी इम्पैक्ट रिपोर्ट 2026 जारी की, जो उसके पूर्व छात्रों के देश और दुनिया में फैले प्रभाव को बयां करती है. रिपोर्ट के अनुसार, 650 से अधिक IIT दिल्ली के पूर्व छात्र आज विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और नीति निर्माण, प्रशासनिक कार्यों और तकनीकी विकास को नई दिशा दे रहे हैं.
प्रशासन और रक्षा में IIT दिल्ली की मजबूत मौजूदगी
रिपोर्ट बताती है कि IIT दिल्ली के ग्रेजुएट्स में से 270 से अधिक IAS अधिकारी हैं, जबकि IPS, IRS और IFS में मिलाकर लगभग 100 अधिकारी सेवा दे रहे हैं. इसके अलावा, PSU, रेगुलेटरी बॉडीज़ और प्रमुख वैज्ञानिक मिशनों में 250 से अधिक एलुमनी नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार IIT दिल्ली का नेवल कंस्ट्रक्शन विंग भी खास योगदान देता रहा है, जिसने अब तक भारतीय नौसेना के लिए 700 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है.
ग्लोबल एकेडमिक और रिसर्च में प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी IIT दिल्ली की पहचान मजबूत हुई है. रिपोर्ट के अनुसार 50 से अधिक पूर्व छात्र QS टॉप-100 यूनिवर्सिटीज़ में फैकल्टी के रूप में पढ़ा रहे हैं, जबकि 300 से ज्यादा एलुमनी देश-भर के IITs में शिक्षण और रिसर्च से जुड़े हैं. यह आंकड़े संस्थान की अकादमिक गहराई और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं.
स्टार्टअप, यूनिकॉर्न और जॉब क्रिएशन की कहानी
एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन IIT दिल्ली की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. रिपोर्ट के मुताबिक, यहां से 2,500 से अधिक फाउंडर और को-फाउंडर निकले हैं, जिन्होंने मिलकर 4.8 लाख से ज्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा की हैं. डिजिटल इकॉनमी में ज़ोमैटो-ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी इटरनल के दीपिंदर गोयल, ग्रोव के हर्ष जैन, मीशो के विदित आत्रे और संजीव बर्नवाल जैसे नाम इस सफलता की पहचान हैं. इसके अलावा, फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन-बिन्नी बंसल और ग्लोबल टेक लीडर्स जैसे ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग और ऋषभ गोयल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की है.
इंडस्ट्री और बोर्डरूम में नेतृत्व
लगभग 10,000 IIT दिल्ली एलुमनी आज बैंकिंग, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर में नेतृत्व की भूमिकाओं में हैं. इनमें से करीब 70 प्रतिशत भारत में रहकर देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहे हैं, जबकि 1,000 से अधिक एलुमनी प्रमुख कॉर्पोरेट बोर्डरूम का हिस्सा हैं.
एलुमनी एंडोमेंट फंड: भरोसे की मिसाल
रिपोर्ट में IIT दिल्ली एंडोमेंट फंड की सफलता को भी रेखांकित किया गया है. पूरी तरह एलुमनी योगदान से बने इस फंड को अब तक 477 करोड़ के कमिटमेंट मिले हैं, जिनमें से 338 करोड़ प्राप्त हो चुके हैं. दिसंबर 2025 में, क्लास ऑफ 2000 ने अपने सिल्वर जुबली रीयूनियन पर 70 करोड़ से अधिक देने का संकल्प लिया. 1966 के 150 छात्रों से लेकर आज 65,000 से अधिक ग्रेजुएट्स तक IIT दिल्ली के पूर्व छात्र भारत की तकनीकी, प्रशासनिक और सामाजिक प्रगति की रीढ़ बने हुए हैं.