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IIT Course: बिना GATE के IIT से पढ़ाई करने का मौका, कौन कर सकता है अप्लाई, जानिए फीस और पूरी प्रक्रिया

IIT Course: बहुत से लोग मानते हैं कि IIT में पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए GATE या JAM जरूरी है, लेकिन कुछ खास कोर्स ऐसे भी हैं जहां इन परीक्षाओं के बिना भी IIT में दाखिला संभव है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: March 6, 2026 16:34:23 IST

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IIT Course: अधिकतर लोग मानते हैं कि GATE और JAM जैसी परीक्षाएं पास किए बिना आईआईटी में पोस्ट-ग्रेजुएशन करना संभव नहीं है. सच यह है कि इन परीक्षाओं के जरिए ही ज्यादातर छात्र IIT में प्रवेश पाते हैं, लेकिन यही एकमात्र रास्ता नहीं है. अगर आप IIT में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं और इन एंट्रेंस एग्जाम को लेकर चिंतित हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ ऐसे विशेष कोर्स और प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं जिनमें दाखिले के लिए GATE या JAM स्कोर अनिवार्य नहीं होता. सही जानकारी और सही विकल्प चुनकर आप बिना इन परीक्षाओं के भी IIT से पढ़ाई का मौका पा सकते हैं. आइए आगे जानते हैं ऐसे ही एक खास कोर्स के बारे में, जहां बिना GATE और JAM के भी IIT में एडमिशन संभव है.

भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक IIT मद्रास ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स में पोस्टग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा शुरू करने की घोषणा की है. यह एक साल का वेब-इनेबल्ड प्रोग्राम होगा, जिसका उद्देश्य प्रोफेशनल्स और योग्य ग्रेजुएट्स को डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी उन्नत स्किल्स सिखाना है. इस प्रोग्राम का पहला बैच 7 सितंबर 2026 से शुरू होगा. इच्छुक उम्मीदवार 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और अभ्यर्थी code.iitm.ac.in/pgdma वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनके पास तीन या चार साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री है. इसके अंतर्गत निम्न योग्यताएं शामिल हैं:

इंजीनियरिंग या साइंस में चार साल की डिग्री
साइंस में MSc डिग्री
मैथ्स या कंप्यूटर एप्लीकेशन से तीन साल की डिग्री
BSc Mathematics
BSc Computer Science
BCA (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन)

इसके अलावा आवेदकों को Python प्रोग्रामिंग की बेसिक जानकारी होना आवश्यक है. इस कोर्स के लिए वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य नहीं रखा गया है, इसलिए नए ग्रेजुएट भी आवेदन कर सकते हैं.

वेब-इनेबल्ड लर्निंग फॉर्मेट

IIT मद्रास ने इस कार्यक्रम को वेब-इनेबल्ड लर्निंग फॉर्मेट में डिजाइन किया है ताकि अलग-अलग बैकग्राउंड के विद्यार्थी और वर्किंग प्रोफेशनल्स आसानी से इसमें शामिल हो सकें. इस मॉडल से कामकाजी पेशेवर अपनी नौकरी जारी रखते हुए भी नई तकनीकी स्किल्स हासिल कर पाएंगे. यह कोर्स डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा और इसे इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?

इस कार्यक्रम का पाठ्यक्रम मजबूत गणितीय आधार और आधुनिक टेक्नोलॉजी के संयोजन पर आधारित है. इसमें कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स के लिए मैथमेटिकल फंडामेंटल्स
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग
मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स में जनरेटिव AI
मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स इम्प्लीमेंटेशन I और II (हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट)

कोर्स के अंत में AI आधारित मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का समग्र मूल्यांकन कराया जाएगा, जिससे छात्र तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर AI के उपयोग को समझ सकें.

एक साल का गहन अकादमिक प्रोग्राम

यह डिप्लोमा सितंबर से अगस्त तक चलेगा और इसे तीन अकादमिक टर्म्स में विभाजित किया गया है. पूरे कार्यक्रम में 90 क्रेडिट शामिल हैं, जो इसकी मजबूत अकादमिक संरचना और प्रैक्टिकल फोकस को दर्शाते हैं.

फीस और चयन प्रक्रिया

इस प्रोग्राम की कुल फीस 5,40,000 है. फीस संरचना क्रेडिट आधारित है, जिसमें प्रति क्रेडिट 6000 लिया जाएगा. चयन प्रक्रिया इन-पर्सन सेंटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से होगी.

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए क्यों अहम?

IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी के अनुसार, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है. ऐसे में ऐसे प्रोग्राम की आवश्यकता है जो एकेडमिक ज्ञान और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच संतुलन बना सके. यह नया PG डिप्लोमा भविष्य के उन प्रोफेशनल्स को तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है जो तकनीक आधारित बदलावों का नेतृत्व कर सकें.

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Written By: Munna Kumar
Last Updated: March 6, 2026 16:34:23 IST

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IIT Course: अधिकतर लोग मानते हैं कि GATE और JAM जैसी परीक्षाएं पास किए बिना आईआईटी में पोस्ट-ग्रेजुएशन करना संभव नहीं है. सच यह है कि इन परीक्षाओं के जरिए ही ज्यादातर छात्र IIT में प्रवेश पाते हैं, लेकिन यही एकमात्र रास्ता नहीं है. अगर आप IIT में पढ़ाई करने का सपना देखते हैं और इन एंट्रेंस एग्जाम को लेकर चिंतित हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ ऐसे विशेष कोर्स और प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं जिनमें दाखिले के लिए GATE या JAM स्कोर अनिवार्य नहीं होता. सही जानकारी और सही विकल्प चुनकर आप बिना इन परीक्षाओं के भी IIT से पढ़ाई का मौका पा सकते हैं. आइए आगे जानते हैं ऐसे ही एक खास कोर्स के बारे में, जहां बिना GATE और JAM के भी IIT में एडमिशन संभव है.

भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक IIT मद्रास ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स में पोस्टग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा शुरू करने की घोषणा की है. यह एक साल का वेब-इनेबल्ड प्रोग्राम होगा, जिसका उद्देश्य प्रोफेशनल्स और योग्य ग्रेजुएट्स को डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी उन्नत स्किल्स सिखाना है. इस प्रोग्राम का पहला बैच 7 सितंबर 2026 से शुरू होगा. इच्छुक उम्मीदवार 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और अभ्यर्थी code.iitm.ac.in/pgdma वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनके पास तीन या चार साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री है. इसके अंतर्गत निम्न योग्यताएं शामिल हैं:

इंजीनियरिंग या साइंस में चार साल की डिग्री
साइंस में MSc डिग्री
मैथ्स या कंप्यूटर एप्लीकेशन से तीन साल की डिग्री
BSc Mathematics
BSc Computer Science
BCA (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन)

इसके अलावा आवेदकों को Python प्रोग्रामिंग की बेसिक जानकारी होना आवश्यक है. इस कोर्स के लिए वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य नहीं रखा गया है, इसलिए नए ग्रेजुएट भी आवेदन कर सकते हैं.

वेब-इनेबल्ड लर्निंग फॉर्मेट

IIT मद्रास ने इस कार्यक्रम को वेब-इनेबल्ड लर्निंग फॉर्मेट में डिजाइन किया है ताकि अलग-अलग बैकग्राउंड के विद्यार्थी और वर्किंग प्रोफेशनल्स आसानी से इसमें शामिल हो सकें. इस मॉडल से कामकाजी पेशेवर अपनी नौकरी जारी रखते हुए भी नई तकनीकी स्किल्स हासिल कर पाएंगे. यह कोर्स डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा और इसे इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?

इस कार्यक्रम का पाठ्यक्रम मजबूत गणितीय आधार और आधुनिक टेक्नोलॉजी के संयोजन पर आधारित है. इसमें कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स के लिए मैथमेटिकल फंडामेंटल्स
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग
मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स में जनरेटिव AI
मैन्युफैक्चरिंग एनालिटिक्स इम्प्लीमेंटेशन I और II (हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट)

कोर्स के अंत में AI आधारित मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का समग्र मूल्यांकन कराया जाएगा, जिससे छात्र तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर AI के उपयोग को समझ सकें.

एक साल का गहन अकादमिक प्रोग्राम

यह डिप्लोमा सितंबर से अगस्त तक चलेगा और इसे तीन अकादमिक टर्म्स में विभाजित किया गया है. पूरे कार्यक्रम में 90 क्रेडिट शामिल हैं, जो इसकी मजबूत अकादमिक संरचना और प्रैक्टिकल फोकस को दर्शाते हैं.

फीस और चयन प्रक्रिया

इस प्रोग्राम की कुल फीस 5,40,000 है. फीस संरचना क्रेडिट आधारित है, जिसमें प्रति क्रेडिट 6000 लिया जाएगा. चयन प्रक्रिया इन-पर्सन सेंटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से होगी.

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए क्यों अहम?

IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी के अनुसार, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है. ऐसे में ऐसे प्रोग्राम की आवश्यकता है जो एकेडमिक ज्ञान और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच संतुलन बना सके. यह नया PG डिप्लोमा भविष्य के उन प्रोफेशनल्स को तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है जो तकनीक आधारित बदलावों का नेतृत्व कर सकें.

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